जमशेदपुर : टाटा स्टील के पिलेट प्लांट ऑपरेशन का मैनपावर बुधवार को फाइनल हो गया. पिलेट प्लांट में मैन पावर 66 पर फाइनल हुआ जबकि यहां वर्तमान में 65 कर्मचारी कार्यरत हैं. प्रबंधन ने 2017 में मैनपावर तय करने के लिए टाटा वर्कर्स यूनियन को प्रस्ताव दिया था. उस समय 61 मैनपावर का प्रस्ताव दिया था. जबकि वहां इओआर (इंप्लाइ ऑन रोल) 65 कर्मचारी कार्यरत थे. कमेटी मेंबर 69 मैन पावर मांग रहे थे.
अब प्रबंधन और यूनियन के बीच 66 मैनपावर में काम करने पर समझौता हुआ. प्लांट की उत्पादन क्षमता छह मिलियन टन वार्षिक है. सीनियर एसोसिएट की संख्या को बढ़ाकर 22 से 25 किया गया ताकि डाउन लाइन प्रमोशन का रास्ता खुल सके.
जबकि एसोसिएट और जूनियर एसोसिएट के पद को 39 से 40 किया गया. सीनियर ऑफिस एसोसिएट के एक पद को यथावत रखने पर सहमति बनी है. मौजूदा सत्ता पक्ष के विरोधी तेवर के बावजूद पिलेट प्लांट के जेडीसी चेयरमैन समरेश सिंह मैनपावर के मुद्दे पर बेहतर समझौता कराने पर सफल रहे.
इस मौके पर प्रबंधन की ओर से वीपी (आईएम ) उत्तम सिंह, चीफ एचआर (आइएम ) जीपी मिश्रा, पीएसडी के चीफ रामाशंकर, हेड संदीपन, पैलेट प्लांट के चीफ इंद्रजीत पॉल, हेड बी शंकर उपाध्याय, एचआर तीरना सान्याल और यूनियन की ओर से अध्यक्ष आर रवि प्रसाद, महासचिव सतीश सिंह, डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद्र पांडेय, उपाध्यक्ष भगवान सिंह, पैलेट प्लांट के जेडीसी चेयरमैन समरेश सिंह, कमेटी मेंबर संजय सिंह, तरुण कुमार ने समझौता पर हस्ताक्षर किया.
