जमशेदपुर : टेल्को थाना अंतर्गत रिवर व्यू इनक्लेव अपार्टमेंट बी 22 में रहने वाली पूजा सिंह (16) ने शनिवार रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. पूजा सेक्रेट हार्ट कान्वेंट स्कूल के दसवीं की छात्रा थी. उसके पिता संजय सिंह का तीन साल पहले निधन हो चुका है. दादा मोहन सिंह की पिछले 28 दिसंबर 2018 को मृत्यु हो गयी है.
टेल्को : रिवर व्यू में सेक्रेट हार्ट काॅन्वेंट की छात्रा ने लगायी फांसी
जमशेदपुर : टेल्को थाना अंतर्गत रिवर व्यू इनक्लेव अपार्टमेंट बी 22 में रहने वाली पूजा सिंह (16) ने शनिवार रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. पूजा सेक्रेट हार्ट कान्वेंट स्कूल के दसवीं की छात्रा थी. उसके पिता संजय सिंह का तीन साल पहले निधन हो चुका है. दादा मोहन सिंह की पिछले 28 दिसंबर 2018 […]

पिता की मौत के बाद पूजा अपने दादा के साथ ही रहती थी. दादा मोहन सिंह भी पूजा का ख्याल रखते थे. दादा की मृत्यु के बाद पूजा खुद का अकेला महसूस करने लगी थी. उसने परिवार के लोगों से बातचीत करना कम कर दिया था. ज्यादा समय वह अकेले ही रहती थी. उसके साथ ही फूफा व उनके परिवार के अन्य सदस्य भी रहते हैं. शनिवार शाम पूजा के फूफा एंथोनी व अन्य लोग बुआ के इलाज के लिए ब्रह्मानंद अस्पताल गये थे.
घर में पूजा की मां और उसका छह साल का भाई था. मां से पूजा ने कहा कि वह पढ़ने के लिए अपने कमरे में जा रही है. मकान के पहले तल्ले पर स्थित कमरे में जाकर उसने दरवाजा बंद कर लिया. एंथोनी जब अस्पताल से लौटकर घर आये तो देखा कि पूजा का छोटा भाई दरवाजा खुलवाने की कोशिश कर रहा है.
तब तक पूजा की मां भी आ गयी. बार-बार दरवाजा खटखटाने के बावजूद पूजा कोई जवाब नहीं दे रही थी. शक होने पर दरवाजा तोड़कर सभी अंदर गये तो पूजा को पंखे के सहारे लटकता देखा. उसे उतारकर तत्काल टाटा मोटर्स अस्पताल लाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. शव को अस्पताल के ही शीतगृह में रख दिया गया था. पूजा ने कोई सुसाइड नोट नहीं छोड़ा है जिससे उसकी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है.
पिता की मौत के बाद से तनाव में रहती थी : पिता की मौत के बाद से ही पूजा अकेला महसूस करती थी. रविवार की सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव पुलिस ने परिजनों के सुपुर्द कर दिया.
रिवर इनक्लेव के रहने वालों का कहना है कि पूजा सिंह के दादा मोहन सिंह टाटा मोटर्स में अधिकारी थे और वही पूरे घर की देखभाल करते थे. उनकी एक बेटी की शादी एंथोनी से हुई थी. संजय सिंह और उनके पिता मोहन सिंह की मृत्यु के बाद एंथोनी ही उस पूरे परिवार को अपनी देखरेख में रखे हुए थे. एंथोनी की भी दो बेटियां हैं.