जमशेदपुर : अब तक कुपोषण व अस्पताल में मैनपावर की कमी को बताया जाता रहा जिम्मेदार

जमशेदपुर : पूर्व में स्वास्थ्य विभाग ने अपने जांच प्रतिवेदन में बच्चों की मौत का कारण कुपोषण बताया था. जेएचआरसी द्वारा मामला लोकायुक्त के समक्ष लाया गया. लोकायुक्त के आदेश पर पुनर्गठित स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम ने बच्चों की मौत मामले पर कुपोषण सहित अस्पताल में संसाधन एवं मैनपावर की कमी को जिम्मेवार बताया […]

जमशेदपुर : पूर्व में स्वास्थ्य विभाग ने अपने जांच प्रतिवेदन में बच्चों की मौत का कारण कुपोषण बताया था. जेएचआरसी द्वारा मामला लोकायुक्त के समक्ष लाया गया.
लोकायुक्त के आदेश पर पुनर्गठित स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम ने बच्चों की मौत मामले पर कुपोषण सहित अस्पताल में संसाधन एवं मैनपावर की कमी को जिम्मेवार बताया था. स्वास्थ्य विभाग के बार-बार रिपोर्ट देने के बावजूद भी पूरे मामले में कुपोषण को लेकर जिम्मेवारों को चिह्नित करने हेतु किसी प्रकार की कोई जांच कमेटी का अभी तक गठन नहीं किया गया, जो दुर्भाग्यपूर्ण है.
इसमें किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं होता देख जेएचआरसी प्रमुख मनोज मिश्रा ने मामले को प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाने के साथ कुपोषण से हुई बच्चों की मौत मामले पर उच्चस्तरीय जांच की मांग की. प्रधानमंत्री कार्यालय ने मामले पर संज्ञान लेकर राज्य के स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया.
सीधे प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामला महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा मंत्रालय को भेजते हुए अपने स्तर पर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा, जिसमें प्रधानमंत्री के निर्देशों का भी उल्लेख किया गया है. मनोज मिश्रा ने कहा कि शीघ्र ही जेएचआरसी का एक प्रतिनिधिमंडल संबंधित विभाग की मंत्री लुइस मरांडी से मिलकर एमजीएम अस्पताल मे कुपोषण से हुई बच्चों की मौत मामले पर जल्द उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करेगा.
उन्होंने कहा कि दोषियों को चिह्नित नहीं किये जाने के कारण बच्चों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है. अगस्त में भी पटमदा के आठ माह की बच्ची की मौत इसी एमजीएम अस्पताल में कुपोषण के कारण हो गयी थी. उन्होंने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करने एवं दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है.

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