मनीष सिन्हा, जमशेदपुर : मानगो, जमशेदपुर, जुगसलाई, आदित्यपुर समेत शहर से सटे आठ सेंसेस गांव को मिला कर ग्रेटर जमशेदपुर का मास्टर प्लान बनाया गया था. 2027 तक की आबादी, शहरी यातायात व्यवस्था, सीवरेज सिस्टम, आवासीय कॉलोनी, मार्केट काॅम्पलेक्स, अौद्योगिक प्रतिष्ठान को ध्यान में रख कर मास्टर प्लान तैयार किया गया था. पूर्व में 149 वर्ग किमी का मास्टर प्लान तैयार किया गया था, जिसे बनाने में 1.49 करोड़ रुपये खर्च हुए थे.
12 साल में प्लानिंग पर ही खर्च हो गये डेढ़ करोड़, लेकिन ग्रेटर नहीं बन सका जमशेदपुर
मनीष सिन्हा, जमशेदपुर : मानगो, जमशेदपुर, जुगसलाई, आदित्यपुर समेत शहर से सटे आठ सेंसेस गांव को मिला कर ग्रेटर जमशेदपुर का मास्टर प्लान बनाया गया था. 2027 तक की आबादी, शहरी यातायात व्यवस्था, सीवरेज सिस्टम, आवासीय कॉलोनी, मार्केट काॅम्पलेक्स, अौद्योगिक प्रतिष्ठान को ध्यान में रख कर मास्टर प्लान तैयार किया गया था. पूर्व में 149 […]

पुन: 2015 में 49 वर्ग किमी विस्तार की मंजूरी दी गयी थी अौर 49 लाख अतिरिक्त राशि पर विस्तारीकरण का मास्टर प्लान तैयार करने का निर्णय लिया गया था अौर चांडिल के कपाली, तामुलिया, डोबो, आदित्यपुर क्षेत्र के गम्हरिया, सीतारामपुर, जमशेदपुर के व्यांगबिल, घाघीडीह, जसकनडीह, कदमडीह, केरूवाडुंगरी, कोचा, पुड़ीहासा, तुपुडांग, बेताकोचा, एनएच किनारे भिलाई पहाड़ी, देवघर, हुरलुंग, ऐदलबेड़ा, बिरसा नगर के लुपुुंगडीह, नूतनडीह, छोटा गोविंदपुर, घोड़ाबांधा, गदरा, प्रकाश नगर, बागबेड़ा, हरहरगुट्टू, कीताडीह, गाढ़ाबासा, करनडीह, परसुडीह, सुंदरनगर इलाके को शामिल कर विस्तारित मास्टर प्लान बनाया गया था.
कंसलटेंट एजेंसी सुपीरियर ग्लोबल द्वारा कई बार पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां के स्टेक होल्डरों के समक्ष मास्टर प्लान प्रस्तुत किया गया अौर सुझाव को शामिल करते हुए फाइनल मास्टर प्लान बना कर नगर विकास विभाग को भेजा गया था.
साथ ही दावा-आपत्ति, सुझाव भी मांगा गया था, लेकिन ग्रेटर जमशेदपुर अमल में नहीं लाया जा सका, हालांकि मास्टर प्लान के आधार पर कंपनी क्षेत्र के गोलचक्कर व सड़कों की व्यवस्था में सुधार-बदलाव किया गया है. 149 वर्ग किमी में 15 हजार करोड़ खर्च कर ग्रेटर जमशेदपुर बनना था, बाद में विस्तार किया गया, लेकिन फंड के अभाव में ग्रेटर जमशेदपुर कागजों में रह गया.