जमशेदपुर : प्रेमिका से 15 जून को शादी तय थी जबकि खर्च के लिए पैसे नही थे. पैसे का इंतजाम करने के लिए ही सोनारी नेहरू मैदान के समीप रहने वाले हेते गिरोह के शूटर बाबू लोधी ने अपने पड़ोसी सेवानिवृत्त टाटा स्टीलकर्मी वी काशी राव के घर में लूट काे अंजाम दिया. बाबू लोधी ने पहचान छुपाने के लिए अपना चेहरा गमछा से छुपा रखा था.
प्रेमिका से शादी के नहीं थे पैसे, तो पड़ोसी के घर डाला डाका
जमशेदपुर : प्रेमिका से 15 जून को शादी तय थी जबकि खर्च के लिए पैसे नही थे. पैसे का इंतजाम करने के लिए ही सोनारी नेहरू मैदान के समीप रहने वाले हेते गिरोह के शूटर बाबू लोधी ने अपने पड़ोसी सेवानिवृत्त टाटा स्टीलकर्मी वी काशी राव के घर में लूट काे अंजाम दिया. बाबू लोधी […]

हालांकि लूटपाट के 30 घंटे के भीतर ही सोनारी पुलिस ने बाबू लोधी समेत लूटकांड में शामिल चार साथी गौतम महली उर्फ विवेक, आकाश कर्मकार उर्फ हैक (दोनों सोनारी दोमुहानी), गणेश कर्मकार उर्फ कल्लू (सोनारी निर्मल नगर) और राहुल कर्मकार (साकची गुरुद्वारा बस्ती) को गिरफ्तार कर मामला का खुलासा कर दिया. ज्ञात हो कि 3 जून की रात वी काशी राव के घर से पांच बदमाश ने पिस्तौल व चाकू का भय दिखाकर 1.50 लाख के जेवर और नकदी लूट लिया था. बदमाशों ने बुजुर्ग दंपती से मारपीट भी की थी.
एसएसपी अनूप बिरथरे ने गुरुवार को लूटकांड का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार युवकों के पास से वारदात में प्रयुक्त देशी कट्टा, चाकू, मोटरसाइकिल, स्कूटी, मोबाइल को भी बरामद कर लिया गया है. लूटे गये आभूषण को गला दिया गया था जिसे साकची गुरुद्वारा बस्ती निवासी राहुल कर्मकार के घर से बरामद कर लिया गया है. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार बाबू लोधी हेते गिरोह का शूटर है. नवंबर 2018 में उसने सोनारी में राकेश दूबे पर फायरिंग की थी.
वह जेल भी गया था. कुछ दिनों पूर्व ही जमानत पर छूटा है. एसएसपी ने बताया कि परिवार की रजामंदी से 15 जून को बाबू लोदी अपनी प्रेमिका से शादी करने वाला था. शादी में खर्च करने के लिए रुपये नहीं होने के कारण बाबू लोधी ने लूट की योजना को अंजाम दिया. पड़ोसी वी कामेश्वर राव के दक्षिण भारतीय होने के कारण बाबू लोधी का अनुमान था कि उनके घर ज्यादा आभूषण मिलेगा. लूटे गये आभूषण साकची गुरुद्वारा बस्ती निवासी राहुल कर्मकार अपने साथ ले गया, जहां घर में ही उसकी मां ने उसे गला दिया.
सोना के चक्कर में घड़ी को भी गलाया. एसएसपी अनूप बिरथरे ने बताया कि गिरफ्तार राहुल कर्मकार की मां एक आभूषण दुकान में काम करती है. उसे पता था कि आभूषण कैसे गलाया जाता है. लूट में बदमाश वी कामेश्वर राव के यहां गोल्ड प्लेटेड घड़ी भी ले गये थे. राहुल और उसकी मां को लगा कि शायद घड़ी भी सोने की है. उन्होंने घड़ी को भी आग में गला दिया. बाद में रंग उतरने पर इसका पता चला.