पत्नी व बच्चों की हत्या कर फरार सुमित गिरफ्तार
जमशेदपुर : गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित ज्ञानखंड-4 में पत्नी व तीन बच्चों की हत्या कर फरार सॉफ्टवेयर इंजीनियर सुमित को पुलिस ने कर्नाटक के मणीपुर जिले के उडप्पी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया.
प्रेस कांफ्रेंस में सुमित ने कहा कि मैंने बहुत बड़ा जुर्म किया है. जो किया है, उसकी सजा मौत से कम नहीं होनी चाहिए. पत्नी और बच्चे को मारने के बाद मैंने खुद को भी कई बार मारने का प्रयास किया, लेकिन मार नहीं पाया. दूसरों की हत्या करना आसान है, लेकिन खुद को समाप्त करने के लिए बड़ा हिम्मत चाहिए. हत्या के बाद ट्रेन से कूद कर आत्महत्या करने का दो बार प्रयास किया, लेकिन नहीं कर पाया. साइनाइड की गोली खाकर मरने का प्रयास किया, पर इसमें भी असफल रहा.
सुमित को गाजियाबाद की इंदिरापुरम पुलिस ने उडप्पी शहर के रेलवे स्टेशन से पकड़ा है. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे उडप्पी कोर्ट में प्रस्तुत कर 72 घंटे के रिमांड पर लेकर आयी है. सुमित ने अपना जुर्म भी स्वीकार किया है. बुधवार को पुलिस ने जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि सुमित बुरी तरह नशे का आदि है. उसकी नौकरी भी नहीं थी. पैसे के अभाव में वह काफी परेशान रहता था. मोबाइल लोकेशन और सूत्रों से मिली जानकारी के बाद पुलिस कर्नाटक के लिए रवाना हुई. पुलिस की टीम पहले त्रिवेंदपुरम की ओर जा रही थी, लेकिन पता चला कि वह उडप्पी में है. उसके बाद उसे उडप्पी रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया. सुमित ने हुकम मेडिकल स्टोर से ही पोटैशियम सायनाइड लिया था. पुलिस ने मेडिकल स्टोर संचालक मुकेश को भी गिरफ्तार कर लिया.
सबसे पहले बड़े बेटे को गला रेत कर मार डाला
पुलिस को सुमित ने बताया कि कोल्ड ड्रिंक और बेहोशी की दवा लाने के बाद पत्नी व तीनों बच्चों को एक साथ पिलायी. जब सभी बेहोश हो गये, तो सुमित ने तेज धार चाकू से सबसे पहले अपने बड़े बेटे प्रथमेश का गला रेता. फिर पत्नी अंशु बाला और अंत में जुड़वा बच्चे आरव व आकृति की गर्दन रेत दी. हत्या करने के बाद खुद को भी मारने का प्रयास किया. उसने पुलिस को बताया कि वह नशे का आदि हो चुका था. वह नशे के लिए मेडिकल स्टोर से दवाइयां खरीद कर खाता था. नौकरी छोड़ने के बाद आर्थिक तंगी में आने से तनाव में रहने लगा था.
फांसी की सजा दे कोर्ट
सुमित के साला पंकज ने फोन पर प्रभात खबर को बताया कि सुमित को पुलिस गिरफ्तार कर लिया है. अब न्यायपालिका का काम शुरू होगा. सुमित ने जो अपराध किये हैं, उसकी सजा फांसी से कम नहीं है. न्यायपालिका को उसे फांसी की सजा देनी चाहिए.
