जमशेदपुर : तेज रफ्तार वाहन चलाने वालों के लिए बुरी खबर है. यातायात पुलिस अब वाहनों के तेजी को मापने वाले इंटरसेप्टर वाहन से लैस है. पुलिस को इंटरसेप्टर वाहन के प्रयोग का प्रशिक्षण भी दे दिया गया है. प्रारंभिक रूप से इसका ट्रायल भी हो चुका है. यातायात पुलिस जल्द ही सड़क पर वाहनों की जांच शुरू करेगी.
हाल के दिनों में तेज रफ्तार बाइक और कार चलाने से कई लोग जान गंवा चुके है. इंटरसेप्टर वाहन वाहनों के तेज रफ्तार को माप सकेगा. इस तरह ऐसे वाहन चालकों से ट्रैफिक पुलिस जुर्माना वसूल करेगी.
घर पहुंचेगा चालान. यातायात डीएसपी शिवेंद्र ने बताया कि गाड़ी की रफ्तार मानक से अधिक होने पर गाड़ी में लगा कैमरा वाहन के नंबर को दर्ज कर लेगा. इसके बाद गाड़ी मालिक के घर चालान भेज दिया जायेगा.
उन्होंने बताया कि 10 किमी प्रति घंटे से कम की रफ्तार को इंटरसेप्टर वाहन की रेंज में नहीं होंगे. कम स्पीड वाले वाहनों का डाटा वह नहीं कैद कर सकेगा.
तेज रफ्तार को इंटरसेप्टर वाहन तुरंत दर्ज कर लेगा. डीएसपी ने चेताया कि इंटरसेप्टरर वाहन की रेंज से तीन बार गुजर जाने वाले को ड्राइविंग लाइसेंस भी रद्द कर दी जाये.
ऐसा है इंटरसेप्टर वाहन
हाइ स्पीड वाहनों पर लगाम लगाने चाले इंटरसेप्टर वाहन में स्पीड गन कैमरा लगा है. गाड़ी की छत पर लगा कैमरा चारों ओर घूमता रहता है. वह आसपास से तेज गति से गुजरने वाले वाहनों की स्पीड को अपने कैमरे में कैद कर लेता है.
उसके बाद चालान भी उस गाड़ी नंबर के नाम से ऑटोमेटिक कट जाएगा. चालान कटने के बाद गाड़ी मालिक के निबंधित मोबाइल नंबर पर संदेश भी ऑटोमेटिक चली जायेगी.
हाई स्पीड वाले वाहनों पर लगाम लगाने के लिए यातायात पुलिस ने इंटरसेप्टर वाहन को लांच किया है. इसे शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्र में तैनात किया जायेगा. इसका प्रशिक्षण भी लगभग पूरा हो गया है. इससे हाई स्पीड चालकों पर अंकुश लगाने और दुर्घटना को कम करने में काफी मदद मिलेगी.
अनूप बिरथरे, एसएसपी, पूर्वी सिंहभूम.
