सामान्य से तीन डिग्री नीचे रहा तापमान, अधिकतम तापमान भी गिरा, पिछले तीन सालों में दिसंबर का सबसे ठंडा दिन रहा शनिवार
जमशेदपुर : जमशेदपुर व आसपास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से ठंड तेजी से बढ़ रही है. शनिवार को न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री नीचे गिर कर 8.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. यह तीन वर्षों में दिसंबर का सबसे ठंड दिन रहा. तापमान की गिरावट के साथ पिछले दो वर्षों का रिकाॅर्ड टूट गया.
वर्ष 2017 में दिसंबर माह में न्यूनतम पारा 9 डिग्री सेल्सियस तक गया. दिसंबर 2016 में यह आंकड़ा 9.2 डिग्री सेल्सियस पर ठहर गया था. अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज हुई है. अधिकतम पारा सामान्य से दो डिग्री नीचे रहते हुए 24.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया. मौसम विभाग की माने तो अगले एक हफ्ते तक सुबह कोहरे और धुंध का साम्राज्य रहेगा. अागामी 24 व 25 दिसंबर को आसमान साफ रह सकता है. हवा में आर्द्रता की मात्रा अधिकतम 77 फीसदी, जबकि न्यूनतम 62 फीसदी रही.
पिछले चार दिन में तेजी से गिरा न्यूनतम पारा
तिथि अधिकतम न्यूनतम
21 दिसंबर 24.1 10.7
20 दिसंबर 24.3 11.1
19 दिसंबर 24.0 14.0
18 दिसंबर 16.5 14.0
पिछले पांच वर्ष का न्यूनतम तापमान
2017 32.0 9.0
2016 30.2 09.2
2015 32.7 06.4
2014 31.1 06.8
2013 30.0 07.7
ठंड से बचाव के उपाय
शरीर में गर्म कपड़ा पहनने के साथ-साथ सिर में टोपी या मफलर रखें.
एक से ज्यादा कंबल ओढ़ रहे हैं, तो मोटे कंबल को पहले और पतले कंबल को ऊपर इस्तेमाल करें.
ठंडी में कंपकपी लगने पर तुरंत किसी गर्म जगह पर चले जायें. शरीर को गर्म करने के उपाय करें.
ठंड में गर्म पेय पीने में बड़ा सुकून देता है. यह शरीर का आंतरिक तापमान भी बढ़ाता है.
शरीर व बिस्तर को गर्म रखने के लिए रूम हीटर से बढ़िया हॉट वाटर बोतल है.
दरवाजे और खिडकियों में पतले कपड़े के पर्दे हटाकर मोटे कपड़े के पर्दे लगायें.
बेड को दीवार से थोड़ा दूर कर लें. खासकर अगर यह घर की बाहरी दीवार हो, तो ज्यादा ठंडी होगी.
अगर आग जला कमरे को गर्म करने का उपाय कर रहें हैं, तो धुआं निकलने का इंतजाम कर लें.
ठंड में बढ़ी मरीजों की संख्या, बीमारियां लौटीं
ठंड के कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गयी है. सरकारी से लेकर प्राइवेट अस्पताल तक भरे हुए हैं.
जोड़ों में दर्द सहित शरीर के अलग-अलग हिस्सों में दर्द की शिकायतें लेकर लोग चिकित्सक के पास पहुंच रहे.
सर्दी, खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है.
अांख, कान, नाक और गले से संबंधित मरीजों की संख्या अच्छी-खासी है.
हृदय रोग, टीबी व दमा के मरीजों की परेशानी बढ़ी.
