जमशेदपुर : राज्य के पारा शिक्षक स्थायीकरण की मांग को लेकर ‘घेरा डालो डेरा डालो’ कार्यक्रम चला रहे हैं. इसी बीच मंत्री लुईस मरांडी के घर पर प्रदर्शन कर रहे पारा शिक्षक की मौत से शिक्षक समुदाय मर्माहत है. सोमवार को जमशेदपुर स्थित बीआरसी में पारा शिक्षकों ने मोमबत्ती जला कर साथी पारा शिक्षकों को श्रद्धांजलि दी.
जिलाध्यक्ष सुमित तिवारी ने कहा कि पारा शिक्षकों के मामले में सरकार दमनात्मक नीति अपना रही है. पिछले एक माह से पारा शिक्षक धरना दे रहे हैं, लेकिन सरकार चुप है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ व बिहार में पारा शिक्षकों का स्थायीकरण किया गया है, यही मांग झारखंड में भी की जा रही है. पारा शिक्षकों ने आंदोलन जारी रखने की भी घोषणा की है.
मंगलवार शाम पारा शिक्षक साकची आम बागान मैदान से जुलूस की शक्ल में मोमबत्ती रैली निकालेंगे अौर आंदोलन के दौरान मृत पारा शिक्षक की आत्मा की शांति की कामना करेंगे. मोमबत्ती मार्च आम बागान मैदान से साकची गोलचक्कर तक आयेगा. उधर, सरकार की ओर से स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि अगर कोई पारा शिक्षक लगातार एक माह से अधिक समय से अनुपस्थित है, तो उसकी बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू की जाये.
हालांकि जिला शिक्षा विभाग की अोर से इस मामले में सोमवार तक कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है. जिला शिक्षा पदाधिकारी शिवेंद्र कुमार ने कहा कि इस मामले में उपायुक्त के साथ विचार-विमर्श कर आगे की कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों ने अब तक योगदान नहीं किया है, उनकी सूची तैयार कर ली गयी है.
