जमशेदपुर : कदमा में ऑल इंडिया वीमेंस काॅन्फ्रेंस (एआइडब्ल्यूसी) द्वारा संचालित कल्याण निकेतन में दो कर्मचारियों को बिना पूर्व सूचना के काम से निकाल दिया गया. इसके विरोध में कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी और गेट पर हंगामा शुरू कर दिया. अब तक मैनेजमेंट ने कर्मचारियों के साथ ठोस बातचीत नहीं की है.
कर्मियों के आंदोलन को झामुमो ने समर्थन किया है. झामुमो के नगर सचिव गोपाल महतो ने कहा है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गयी तो आंदोलन को और तेज किया जायेगा. एआइडब्ल्यूसी के कर्मचारियों ने बताया कि 30 नवंबर को मैनेजमेंट ने जीतेंद्र राव और राजेश मल्लिक को बुला कर एक दिसंबर से ड्यूटी नहीं आने को कहा गया.
दोनों को जबरन वीआरएस देने का दबाव दिया गया. जब वीआरएस नहीं लिया तो एक दिसंबर को दोनों कर्मचारियों को ड्यूटी आने पर रोक दिया. इससे नाराज सभी कर्मचारी दोनों कर्मचारियों को ड्यूटी में वापस लेने की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे. एआइडब्ल्यूसी एक सामाजिक संस्था है, जिसमें फाइल, डस्टर समेत कार्यालय में इस्तेमाल आने वाले सामान बनाये जाते हैं. कर्मचारियों ने बताया कि अब तक मैनेजमेंट ने 40 कर्मचारियों को वीआरएस दे चुका है. वर्तमान में 64 कर्मचारी कार्यरत हैं. सभी कर्मचारियों को वीआरएस लेने का दबाव दिया जा रहा है.
हो भाषा आंदोलनकारी दिल्ली के लिए रवाना
जमशेदपुर. आदिवासी हो समाज की मातृभाषा हो को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर तीन व चार दिसंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर में प्रदर्शन होगा. शनिवार को जिला परिषद उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने भाषा आंदोलन में शामिल हो रहे युवाओं को परसुडीह के बारेगोड़ा गांव से रवाना किया.
श्री सिंह ने भाषा आंदोलन में शामिल होने वाले 12 युवाओं को जाने-आने के लिए रेलवे टिकट भी अपनी ओर से मुहैया कराया है. शनिवार को बारेगोड़ा से युवाओं का जत्था ग्राम प्रधान कान्हाई हेंब्रम के नेतृत्व में दिल्ली के लिए रवाना हुआ.
