एमजीएम में दो माह में 79 बच्चों की मौत, 65 बच्चे एक वर्ष से कम के

जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल में नवजात बच्चों की मौत का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है. पिछले साल जहां चार महीने में 164 बच्चों की मौत का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है कि एक बार फिर 2018 के सितंबर और अक्तूबर महीने में एमजीएम में 79 बच्चों की मौत हो गयी. […]

जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल में नवजात बच्चों की मौत का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है. पिछले साल जहां चार महीने में 164 बच्चों की मौत का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है कि एक बार फिर 2018 के सितंबर और अक्तूबर महीने में एमजीएम में 79 बच्चों की मौत हो गयी. इसमें सितंबर में 38 बच्चे की मौत हुई है. इसमें से 32 बच्चे ऐसे हैं, जिनकी उम्र एक साल से कम हैं.
वहीं अक्तूबर में 41 बच्चों की मौत हुई. इसमें से 33 बच्चे ऐसे हैं, जिनकी उम्र एक साल से कम है. कुल दो महीने में एक साल से कम उम्र के 65 बच्चों की मौत एमजीएम में हुई है. इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग नहीं तो कुछ उपाय कर रही है और कोई सुविधा बढ़ा रही है, जिससे बच्चों की मौत को रोका जा सके. स्वास्थ्य विभाग सिर्फ जांच करके खानापूर्ति कर रही है.
इसके पहले पिछले साल चार महीने में 164 बच्चों की मौत एमजीएम में हो गयी थी. इसको लेकर राज्य से लेकर केंद्र सरकार तक में हड़कंप मच गया था. वहीं मामले में हाई कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए जो भी कमी है, उसको दूर करने का निर्देश दिया था. लेकिन अब तक मामला वहीं का वहीं है. पिछले साल जुलाई में सबसे ज्यादा 60 बच्चों की मौत हुई थी, जिसको लेकर रांची से लेकर दिल्ली तक की टीम जांच कर चुकी है. वहीं 164 बच्चों की मौत को लेकर जेएचआरसी प्रमुख मनोज मिश्रा ने लोकायुक्त की अदालत में केस दाखिल कर रखा है, जिसकी सुनवाई चल रही है.

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