Jamshedpur News :
झारखंड हाइकोर्ट ने सोमवार को जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) एरिया में हो रहे अवैध निर्माण व नक्शा विचलन को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की. चीफ जस्टिस एमएस सोनक व जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान पक्ष सुना. इसके बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए खंडपीठ ने सात अप्रैल की तिथि निर्धारित की.इससे पूर्व मामले में जेएनएसी की ओर से हाइकोर्ट के आदेश के आलोक में अनुपालन एफिडेविट दायर किया गया. उन्होंने खंडपीठ को बताया कि हाइकोर्ट के पूर्व के सख्त आदेश के आलोक में सभी 24 प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर दिया गया था. कार्रवाई की तैयारी पूरी थी, लेकिन इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस पर रोक लगा दी. चार सप्ताह का समय दिया था. सुप्रीम कोर्ट का आदेश मिलने के बाद जेएनएसी ने अपनी कार्रवाई को रोक दिया है. जेएनएसी का पक्ष सुनने के बाद खंडपीठ ने मामले की सुनवाई को स्थगित कर दिया.दो भवन मालिकों पर लटकी है तलवार
कानूनी जानकारों का मानना है कि जिन दो भवन मालिकों ने अब तक अपील नहीं की है, उन पर जेएनएसी की कार्रवाई का खतरा अब भी बरकरार है. यदि उन्हें अदालत से कोई नयी राहत नहीं मिलती है, तो प्रशासन उनके विवादित हिस्सों पर बुलडोजर चला सकता है. फिलहाल, शहरवासियों की निगाहें चार सप्ताह बाद होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी है.उल्लेखनीय है कि प्रार्थी राकेश कुमार झा ने जनहित याचिका दायर की है. प्रार्थी ने जेएनएसी क्षेत्र में अवैध निर्माण को रोकने तथा जो बन चुके हैं, उन्हें ध्वस्त करने की मांग की है. याचिका में कहा गया है कि जेएनएसी क्षेत्र में वर्ष 2023 तक लगभग 1246 भवनों का निर्माण हुआ है. पूर्व में कोर्ट के आदेश के आलोक में जेएनएसी द्वारा कई अवैध निर्माण को तोड़ा भी गया है.
