कुड़मी को एसटी दर्जा देने की प्रक्रिया लंबी, छात्रवृत्ति को 42 हजार से बढ़ाकर 61 हजार रुपये किया जायेगा

जमशेदपुर : केंद्रीय जनजातीय कल्याण मंत्री जुएल उरांव ने मंगलवार को कहा कि कुड़मी समुदाय को एसटी का दर्जा देने की प्रक्रिया लंबी है. अगर इसका बिल कैबिनेट में आता है, तो उसके बाद कोई कदम उठाया जा सकता है. श्री उरांव ने एक्सएलआरआइ ऑडिटोरियम में आयोजित एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल संगीत प्रतियोगिता कार्यक्रम में […]

जमशेदपुर : केंद्रीय जनजातीय कल्याण मंत्री जुएल उरांव ने मंगलवार को कहा कि कुड़मी समुदाय को एसटी का दर्जा देने की प्रक्रिया लंबी है. अगर इसका बिल कैबिनेट में आता है, तो उसके बाद कोई कदम उठाया जा सकता है. श्री उरांव ने एक्सएलआरआइ ऑडिटोरियम में आयोजित एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल संगीत प्रतियोगिता कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही.
ज्ञात हो कि एसटी दर्जे की मांग को लेकर 22 नवंबर को झारखंड, बंगाल और ओड़िशा के कुड़मी समुदाय के लोग जुटने वाले हैं. इसी संदर्भ में केंद्रीय मंत्री की राय पूछी गयी थी. उन्होंने जवाब में कहा, ‘यह प्रक्रिया की बात है, कानून अपना काम करेगा.’ एक अन्य सवाल के ज.वाब में उन्होंने कहा कि अभी देश में एकलव्य स्कूलों की संख्या 182 है.
2022 तक 700 एकलव्य माॅडल आवासीय स्कूल खोले जायेंगे. हर उस प्रखंड में जहां जनजातीय आबादी 20,000 से अधिक है या कुल आबादी में आधे से अधिक जनजातीय लोग हैं, वहां एकलव्य स्कूल खोला जायेगा. उन्होंने बताया कि इन स्कूलों के लिए प्रति बच्चा प्रतिवर्ष 42,000 रुपये के बजट को बढ़ाकर 61,000 रुपये कर दिया गया है. इस छात्रवृत्ति से बच्चों का सर्वांगीण विकास होगा. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जनजातीय लोगों के लिए काफी काम किया जा रहा है और दबे-कुचले और वंचितों के विकास के लिए सरकार सतत प्रयत्नशील है.

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