जमशेदपुर : एक्सएलआरआइ जमशेदपुर के पूर्व छात्र विक्रम मिश्री चीन में भारत के अगले राजदूत होंगे. विदेश मंत्रालय ने इसकी घोषणा कर दी है. वे गौतम बंबावाले की जगह लेंगे. विक्रम मिश्री को अहम जिम्मेवारी सौंपे जाने पर एक्सएलआरआइ प्रबंधन में जहां उत्साह है, वहीं उन्हें पढ़ानेवाले शिक्षक शरद सरीन भी काफी खुश हैं.
श्री सरीन ने कहा कि विक्रम मिश्री 1984-1986 बैच का स्टूडेंट था. उसने एक्सएलआरआइ से एमबीए की डिग्री हासिल की. शरद सरीन ने कहा कि आम तौर पर एक्सएलआरआइ से पासआउट होने के बाद विद्यार्थी को मल्टीनेशनल कंपनी में ऊंचे पैकेज पर नौकरी मिल जाती है अौर वे उसे ज्वाइन भी कर लेते हैं. विक्रम मिश्री का भी कैंपस प्लेसमेंट हुआ था, लेकिन उन्होंने किसी कंपनी में नौकरी करने के बजाय यूपीएससी की तैयारी की अौर सफलता हासिल की.
विक्रम मिश्री 1989 बैच के भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) अधिकारी बने. विक्रम मिश्री ने म्यांमार में भारत के राजदूत का प्रभार 31 अगस्त, 2016 को संभाला था. उनका जन्म 7 नवंबर 1964 को श्रीनगर में हुआ था. उन्होंने ग्वालियर के सिंधिया स्कूल से स्कूली शिक्षा पूरी की. दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से इतिहास में स्नातक की डिग्री हासिल की अौर इसके बाद एक्सएलआरआइ से मैनेजमेंट की शिक्षा हासिल की. विक्रम में है डोकलाम विवाद सुलझाने की शक्ति : शरद सरीन ने कहा कि एक्सएलआरआइ में क्रीम स्टूडेंट ही आते हैं.
