जमशेदपुर : खासमहल स्थित सदर अस्पताल में डॉक्टर के साथ मारपीट करने के आरोप में अजीत कुमार तिवारी को हाइकोर्ट ने इस शर्त पर जमानत दी है कि वह अगले आदेश तक सप्ताह में दो दिन यानी शनिवार व रविवार को एमजीएम अस्पताल में आकर सफाई करे. अजीत कुमार को मामले का निबटारा होने तक सफाई का काम करना होगा. अजीत कीताडीह ग्वाला बस्ती का रहनेवाला है. उसने शनिवार से एमजीएम अस्पताल में सफाई का काम शुरू कर दिया है.
अधीक्षक को सूचना देने को कहा गया : हाइकोर्ट के आदेश के बाद जमशेदपुर के व्यवहार न्यायालय के प्रभारी न्यायाधीश सह रजिस्टर मनोज कुमार शर्मा ने एमजीएम के अधीक्षक को पत्र लिखा है. उन्हें जमशेदपुर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को मासिक प्रतिवेदन देने को कहा है
कहा है कि यदि अभियुक्त लगातार दो दिन तक अनुपस्थित रहता है या अस्पताल में काम करने में असफल रहता है, तो इसकी जानकारी तत्काल न्यायाधीश मनोज कुमार शर्मा को दें, ताकि इसकी सूचना प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश और हाइकोर्ट को दी जा सके.
13 जून को सदर अस्पताल के डॉक्टर के साथ मारपीट करने का आरोप
थाने में शिकायत के बाद हुई थी गिरफ्तारी : 13 जून को विक्रम तिवारी के साथ नागाडीह व कलियाबेड़ा गोशाला के बीच दो लोगों ने मारपीट की थी. विक्रम को सदर अस्पताल लाया गया था. यहां ठीक से इलाज नहीं करने का आरोप लगा कर डॉक्टर से मारपीट की गयी थी. डॉक्टर विनय शंकर ने अजीत कुमार तिवारी सहित अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत की है. इसके आधार पर पुलिस ने अजीत को जेल भेज दिया था.
इमरजेंसी वार्ड में लगी है ड्यूटी : अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ नकुल चौधरी ने बताया कि अजीत को काम के लिए इमरजेंसी वार्ड में लगाया गया है.
