जमशेदपुर : झारखंड मुक्ति मोरचा (झामुमो) के नेता निर्मल महतो की हत्या मामले में घाघीडीह सेंट्रल जेल में उम्र कैद काट रहे धीरेंद्र सिंह उर्फ पप्पू की रिहाई का राज्य सरकार ने निर्णय लिया है. धीरेंद्र सिंह की रिहाई में हालांकि अभी पेंच है अौर नियमानुसार केंद्र सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद ही यह संभव हो पायेगा. नियमानुसार (सीआरपीसी की धारा 435 के तहत) जिस मामले की जांच सीबीआइ या कोई केंद्रीय एजेंसी ने की है, उसमें सजायाफ्ता की रिहाई गृह मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद ही हो पायेगी.
तीन काे हुई थी उम्र कैद : 8 अगस्त, 1987 को जमशेदपुर के चमरिया (टाटा स्टील) गेस्ट हाउस के समीप निर्मल महतो की गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी. 18 नवंबर, 1987 को इस मामले की जांच सीबीआइ को दे दी गयी. दोनों आरोपी 11 साल तक भगोड़े रहे थे. बाद में वर्ष 2001 में धीरेंद्र सिंह और 2003 में नरेंद्र सिंह की गिरफ्तारी हुई.
इस मामले में पूर्व सांसद सूरज मंडल की सूचना पर बिष्टुपुर थाने में केस दर्ज किया गया था. निर्मल महतो हत्याकांड में तीन लोगों को उम्र कैद की सजा सुनायी गयी थी, जिसमें वीरेंद्र सिंह की जेल में रहने के दौरान मौत हो चुकी है. नरेंद्र सिंह उर्फ पंडित व धीरेंद्र सिंह पप्पू जेल में बंद है. झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद की 25 सितंबर को आहूत बैठक में की गयी अनुशंसा के अालोक में राज्य सरकार ने धीरेंद्र सिंह को जेल से मुक्त करने का निर्णय लिया है.
इस संबंध में गृह, कारा एवं अापदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव रवि शंकर वर्मा ने अधिसूचना जारी कर दी गयी है. हत्या के आरोपियों की उम्रकैद की सजा फरवरी 2017 में झारखंड हाइकोर्ट ने बरकरार रखी थी.
30 दिन के लिए पेरोल पर हुआ था रिहा
घाघीडीह सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा धीरेंद्र कुमार सिंह उर्फ पप्पू बेटी की शादी के लिए पहली बार 23 जनवरी 2015 में जेल से पे-रोल पर रिहा हुआ था. 30 दिन के पे-रोल पर पप्पू को रिहा किया गया था.
