जमशेदपुर : मानगो शहरी जलापूर्ति योजना के तहत नये कनेक्शन देने का मामला एक बार फिर फंस गया है. कुल 17,650 नये कनेक्शन देने थे. पर अब तक सिर्फ 1300 नये कनेक्शन ही दिये गये. अब इस योजना के संचालन और मरम्मत का कार्य करनेवाली एजेंसी ने हाथ खड़े कर दिये हैं. एजेंसी ने एक अक्तूबर 2018 की सुबह छह बजे से मानगो शहरी जलापूर्ति योजना का संचालन और मरम्मत के कार्य को स्थायी रूप से बंद कर देने की बात कही है.
साथ ही पीएचइडी विभाग को इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा है. एजेंसी के रामेश्वर शर्मा ने पीएचइडी के कार्यपालक अभियंता को इससे संबंधित पत्र लिखा है. पत्र में कहा गया है कि योजना के तहत कुल 33 एमएलडी पानी की सप्लाइ करनी थी. पर अतिरिक्त पाइप लाइन बिछ जाने के कारण 40 एमएलडी पानी की सप्लाइ करनी पड़ रही है.
lइससे अतिरिक्त खर्च हो रहा है. इस योजना के लिए नवंबर 2015 में एकरारनामा हुआ था. इसमें जीएसटी का प्रावधान नहीं था. पर एक जुलाई 2017 से भारत सरकार ने जीएसटी लागू कर दिया. जीएसटी लागू होने के बाद भी पूर्व की दर पर काम कराया जा रहा है.
विभाग नहीं कर रहा कार्रवाई
पत्र में कहा गया है कि अप्रैल 2017 में 700 एमएम का स्लुइस वाल्व और कूलिंग पंप की स्थापना की गयी थी. पर इसके भुगतान के लिए विभाग की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी. इसका भुगतान अब तक बकाया है. इसके अलावा पहले का भुगतान भी लंबित है. इस पर भी विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गयी.
बैंक से भी लिया है कर्ज
उन्होंने पत्र में पूर्व के सभी लंबित भुगतान करने और पिछले चार माह में कराये गये कार्यों की राशि की अविलंब व्यवस्था करने की मांग की है. कहा है कि इस योजना में वर्तमान में करीब 1.50 करोड़ रुपये का बकाया हो गया है. काम के लिए ठेकेदार की ओर से समय-समय पर बैंकों से कर्ज भी लिये गये हैं. बैंक को प्रति माह ब्याज भी चुकाना पड़ रहा है. ऐसे में अगर राशि का भुगतान नहीं हुआ, तो समस्या हो जायेगी.
मानगो शहरी जलापूर्ति योजना एजेंसी ने खड़े किये हाथ
एजेंसी ने पीएचइडी को लिखा पत्र, कहा
40 एमएलडी पानी की सप्लाइ करनी पड़ रही है. अतिरिक्त खर्च हो रहा
जीएसटी लागू होने के बाद भी पूर्व की दर पर काम कराया जा रहा
700 एमएम का स्लुइस वाल्व और कूलिंग पंप का भुगतान नहीं हुआ
करीब 1.50 करोड़ रुपये का बकाया
क्या है योजना
17650 : नया कनेक्शन दिया जाना है
1300 : कनेक्शन ही दिये गये अब तक
100 किमी: लंबी पाइप लाइन बिछानी थी
दिसंबर 2017 : शुरू हुआ था काम
मार्च 2018 : काम पूरा हो जाना था
22900 : पुराना कनेक्शन दिया गया
एसीबी के पास भेजा जा सकता है मामला
मंत्री सह क्षेत्र के विधायक सरयू राय ने कहा कि मामले में गड़बड़ी ही गड़बड़ी दिख रही है. मामले को एसीबी के पास भेजा जा सकता है. मामले की जांच कराने की मजबूरी हो जायेगी.
