जमशेदपुर : झामुमो नेता लखाई हांसदा की हत्या में दोषी करार दिये गये डाॅक्टर टुडू उर्फ श्यामा प्रसाद टुडू, छोट राय सोरेन और कारू सोरेन को उम्र कैद की सजा मिली है. सभी पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. जिला जज -13 की अदालत ने बुधवार को सजा का एलान किया. तीनों को धारा 302 में उम्र कैद व 25 हजार रुपये जुर्माना, धारा 427 में एक वर्ष, 3/4 विस्फोटक अधिनियम में 10 वर्ष और 10 हजार के जुर्माना की सजा सुनायी गयी. सभी सजा साथ- साथ चलेगी. तीनों को 120बी में भी दोषी पाया है.
डाक्टर टुडू सहित तीन को आजीवन कारावास
जमशेदपुर : झामुमो नेता लखाई हांसदा की हत्या में दोषी करार दिये गये डाॅक्टर टुडू उर्फ श्यामा प्रसाद टुडू, छोट राय सोरेन और कारू सोरेन को उम्र कैद की सजा मिली है. सभी पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. जिला जज -13 की अदालत ने बुधवार को सजा का एलान किया. […]

जेल में बंद है डॉ टुडू : लखाई हांसदा की हत्या 19 जनवरी 2014 की रात को की गयी थी. इस संबंध में परसुडीह थाने में 20 जनवरी 2014 को लखाई हांसदा की पत्नी दानगी हांसदा के बयान पर तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था. मामले में नौ लोगों की गवाही कोर्ट में करायी गयी थी. 10 अगस्त 2018 को डॉक्टर टुडू ने नागाडीह में बच्चा चोरी की अफवाह में चार लोगों की हत्या के मामले में कोर्ट में सरेंडर कर दिया था. इसके बाद से वह जेल में बंद है. जबकि दोषी करार होने के बाद छोटे राय सोरेन और कारू सोरेन को गिरफ्तार कर लिया गया.
19 जनवरी 2014 को बम मार कर की गयी थी हत्या :
झामुमो नेता लखाई हांसदा और डॉक्टर टुडू के बीच जमीन विवाद को लेकर तनाव चल रहा था. 15 मई 2011 को डाॅक्टर टुडू के करीबी गणेश टुडू की बेडाढ़ीपा में हत्या करा दी गयी थी. 19 जनवरी 2014 की रात करीब 10 बजे करनडीह स्थित तुराम होटल के पास साथियों से बात करने के बाद लखाई अपनी स्कॉर्पियो (जेएच05एटी-3518 ) में बैठने जा रहे थे. इसी दौरान रंग की स्कॉर्पियो पर सवार युवक वहां पहुंचे. लखाई हांसदा पर बम फेंका. बम फटने से लखाई की कमर और पेट लहूलुहान हो गये. आनन- फानन उन्हें टीएमएच लाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी.
छोट राय सोरेन और कारू सोरेन को भी उम्र कैद
25-25 हजार का जुर्माना भी
फांसी की सजा मिलनी चाहिए थी : पत्नी
लखाई हांसदा की पत्नी दानगी हांसदा ने कहा : डॉक्टर टुडू जैसे अपराधी को फांसी की सजा मिलनी चाहिए थी. डाॅक्टर टुडू और उसके समर्थक बम बनाते हैं. तीनों को जिंदा रहने का हक नहीं.