जमशेदपुर : एमजीएम के इमरजेंसी वार्ड में बेड की संख्या कम रहने के कारण संख्या ज्यादा करने के लिए सटाकर बेड लगाये गये हैं. साथ ही इमरजेंसी में टीबी के मरीजों को भी रखकर इलाज किया जा रहा है, जिससे संक्रमण का खतरा बना हुआ है. हल्दीपोखर के रोहितेश्वर सरदार दो साल से टीबी से ग्रसित हैं. तबीयत ज्यादा खराब होने पर सोमवार को परिवार के लोगों उन्हें इलाज के लिए एमजीएम लेकर आये, जहां भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है. रोहितेश्वर का इलाज अभी भी इमरजेंसी वार्ड में ही किया जा रहा है, उन्हें टीबी वार्ड में शिफ्ट नहीं किया गया है.
टीबी संक्रमित का अन्य मरीज के साथ इलाज
जमशेदपुर : एमजीएम के इमरजेंसी वार्ड में बेड की संख्या कम रहने के कारण संख्या ज्यादा करने के लिए सटाकर बेड लगाये गये हैं. साथ ही इमरजेंसी में टीबी के मरीजों को भी रखकर इलाज किया जा रहा है, जिससे संक्रमण का खतरा बना हुआ है. हल्दीपोखर के रोहितेश्वर सरदार दो साल से टीबी से […]
