जमशेदपुर : आयकर विभाग ने आठ हजार से अधिक फर्म आैर कंपनी प्रबंधन काे रिटर्न दाखिल नहीं करने के मामले में नाेटिस जारी किया है. उक्त कंपनियाें द्वारा खुद काे निबंधित कराया गया है, लेकिन रिटर्न दाखिल करने में उन्हाेेंने काेई रूचि नहीं दिखायी है. आयकर विभाग ने अपनी रिपाेर्ट में इस मामले काे काफी गंभीरता से लिया है. आयकर विभाग काे वार्षिक राजस्व इस वर्ष बढ़ाया गया है, जिसके कारण इस क्षेत्र में कड़ाई से कार्य करने का फैसला किया गया है.
आयकर विभाग में 10,626 फर्म निबंधित हैं, जिनमें से महज 3507 ही रिटर्न दाखिल करती हैं, इनमें 7119 के बारे में काेई अपडेट विभाग काे हासिल नहीं हाे पाया है. इसी तरह आयकर विभाग में 2232 कंपनियां निबंधित हैं, इनमें से महज 1446 ही वार्षिक रिटर्न दाखिल करती हैं. 786 कंपनियाें ने अपनी स्थिति काे साफ नहीं किया है. आयकर अधिकारियाें ने बताया कि सर्किल में 10,73,562 लाेगाें ने पैन कार्ड बनवाया है, लेकिन इनमें से महज 2,12,395 लाेग ही वार्षिक रिटर्न दाखिल कर रहे हैं.
इस वर्ष इस संख्या काे 50 प्रतिशत से अधिक कर राजस्व संग्रह का प्रयास किया जायेगा. आयकर अधिकारियाें ने बताया कि फर्म आैर कंपनियाें के जहां तक रिटर्न दाखिल नहीं करने पर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि वे बंद हाे गयी हाेंगी. नियमत: बंद हाेनेवाली कंपनियाें काे भी अपनी स्थिति की जानकारी लिखित रूप से प्रदान करनी है, ताकि उनकी स्थिति के बार में पता लग सके.
जहां तक अधिक संख्या में पैन कार्ड हाेने के बाद भी काफी कम संख्या में उनके रिटर्न दाखिल किये जाने के मामले की शुरुआती जांच में यह बात सामने आयी है कि इनमें काफी अधिक छात्राें के पैन कार्ड हैं, जाे रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे हैं. विभाग ने सभी से अपील की है कि भले ही वे टैक्सपेयिंग स्लैब में नहीं है, लेकिन रिटर्न जरुर दाखिल करें. रिटर्न की प्रक्रिया काे वे सरलता से पूरा करेंगे, ताे उन्हें भविष्य में बेहतर परिणाम मिलेंगे.
