जमशेदपुर : प्रशासन की सख्ती के बाद स्कूली अॉटो व वैन चालकों ने निर्धारित क्षमता के अनुसार बच्चों को बैठाना शुरू कर दिया है. सोमवार को सेक्रेड हॉर्ट कॉन्वेंट स्कूल के पास वैन-ऑटो चालकों में यह बदलाव दिखा. दरअसल, कुछ वैन चालक ऐसे थे, जिन्होंने छुट्टी के बाद पहले स्कूल के आस-पास के इलाके के रहने वाली छात्राअों को घर तक छोड़ा.
इसके बाद दूसरी बार में दूर रहने वाली छात्राअों को लेकर घर छोड़ने निकले. इस दौरान छात्राअों को करीब 15 मिनट इंतजार करना पड़ा. वैन चालक रोहित मेश्राम ने प्रभात खबर को बताया कि पूर्व में वैन में क्षमता से अधिक बच्चे रहते थे, अब बच्चों की सुरक्षा को देखते स्वत: यह संकल्प लिया गया है. फोटो करेंगे वायरल.
स्कूली वाहन सेवा संचालक समिति की रामनगर सामुदायिक भवन में आयोजित बैठक में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चल रहे अभियान से अभिभावकों को भी जोड़ने का निर्णय लिया गया. बैठक में जागरूकता टीम से जरासंघ सिंघ, शमीम अहमद, अजय शर्मा, रविंदर, सहजादा मुस्तफा, राजेश पॉल, बाबू, रंजीत सरकार, सरोज, नरेश आदि उपस्थित थे.
बस सेवा शुरू करने को लेकर कैंडल मार्च. जमशेदपुर अभिभावक संघ की अोर से सोमवार की शाम कैंडल मार्च निकाला गया. संघ की अोर से प्राइवेट स्कूलों में बस परिचालन की मांग की गयी. साकची गोलचक्कर पर निकाले गये कैंडल मार्च के जरिये जिला प्रशासन से स्कूली बच्चों की सुरक्षा पुख्ता करने की मांग की गयी. इसमें संघ के अध्यक्ष डॉ उमेश कुमार समेत कई अन्य ने इसमें हिस्सा लिया.
