सबसे पहला आवेदन देने वाले देवाशीष नायक काे नहीं मिली पेंशन

जमशेदपुर : झारखंड अांदाेलनकारी रहे देवाशीष नायक ने 2012 में सबसे पहले आवेदन दिया. इसके साथ-साथ अन्य साथियाें के आवेदन जमा भी कराये. उन्हें 297 वाली लिस्ट में आंदाेलनकारी का प्रमाण पत्र भी मिला, लेकिन आज तक पेंशन नहीं मिल पायी. आंदाेलन के दाैरान कई बार जेल भी गये. इसकी अवधि साल से अधिक की […]

जमशेदपुर : झारखंड अांदाेलनकारी रहे देवाशीष नायक ने 2012 में सबसे पहले आवेदन दिया. इसके साथ-साथ अन्य साथियाें के आवेदन जमा भी कराये. उन्हें 297 वाली लिस्ट में आंदाेलनकारी का प्रमाण पत्र भी मिला, लेकिन आज तक पेंशन नहीं मिल पायी. आंदाेलन के दाैरान कई बार जेल भी गये. इसकी अवधि साल से अधिक की भी रही.
उन्हाेंने बताया कि आवेदन के साथ-साथ जेल अवधि का प्रमाण पत्र भी जमा कराया. जांच के दाैरान जेल अवधि का प्रमाण पत्र गायब कर दिया गया. दाे साल पहले वे फिर आयाेग के समक्ष जाकर कागजात जमा करवा कर आये. उन्हें जांच के लिए घाघीडीह जेल भेजा गया. जांच के बाद कागजात अायाेग के पास पहुंच गये. एक साल हाे गया, आज तक पेंशन आरंभ नहीं हुई.
आयाेग के सदस्याें काे व्यक्तिगत रूप से भी जानते हैं, लेकिन इस मामले में जमीन पर जाे काम हाेना चाहिए, वह नहीं हाे रहा है. उनके जैसे हजाराें अांदाेलनकारी उनके बुजुर्ग परिजन दर-दर की ठाेकरें खाने काे विवश हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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