117 योजनाएं रुकी हुई हैं, टाटा स्टील और सरकार के बीच तय हो चौहद्दी : सरयू राय

जमशेदपुर. मेरे विधानसभा क्षेत्र की करीब 117 योजनाएं अधूरी हैं. सांसद व विधायक निधि से होने वाले कार्यों में भी टाटा स्टील रोड़ा अटका रही है. सोमवार को बिष्टुपुर स्थित आवास पर संवाददाताओं से बात करते हुए मंत्री सरयू राय ने यह बात कही. श्री राय ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में सांसद और विधायक […]

जमशेदपुर. मेरे विधानसभा क्षेत्र की करीब 117 योजनाएं अधूरी हैं. सांसद व विधायक निधि से होने वाले कार्यों में भी टाटा स्टील रोड़ा अटका रही है. सोमवार को बिष्टुपुर स्थित आवास पर संवाददाताओं से बात करते हुए मंत्री सरयू राय ने यह बात कही. श्री राय ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में सांसद और विधायक निधि से पूरी होने वाली 117 योजनाओं में हर योजना चार से पांच लाख की हैं, जो टाटा स्टील की आपत्ति के कारण रुकी है. हम एक साल से मांग कर रहे है कि टाटा स्टील और राज्य सरकार जमशेदपुर अक्षेस क्षेत्र में कैसे काम करेगी और क्या चौहद्दी होगी, यह तय होना चाहिए, लेकिन आज तक नहीं हो पाया है.
मुख्यमंत्री रघुवर दास के समक्ष भी हमने कई बार बातें उठायी, लेकिन अब नगर विकास मंत्री सीपी सिंह से हमने समय मांगा है. कैबिनेट की बैठक मंगलवार को होगी और उसके बाद नगर विकास मंत्री समय देंगे. इसमें मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, नगर विकास सचिव, राजस्व सचिव समेत संबंधित पदाधिकारियों को बुलाकर नीति तय होनी चाहिए. टाटा लीज में कहीं यह जिक्र नहीं है कि टाटा स्टील से एनओसी लिया जाना है, लेकिन फिर भी एनओसी लेने की बात कह दी जा रही है.
योजना समिति की बैठकों में सांसद, विधायक योजनाएं पारित करते है और फिर उसे रोक दिया जाता है. पहले तो ऐसी योजनाएं ली ही नहीं जाये, ली गयीं तो प्रशासन को इसे पूरा कराने को कदम उठाना चाहिए. उपायुक्त लीज समझौते को देखते हुए योजनाओं को पारित करें. इस मौके पर भाजपा नेता विकास सिंह, विधायक प्रतिनिधि चितरंजन वर्मा, विधायक प्रतिनिधि नागरिक सुविधाएं मुकुल मिश्रा आदि मौजूद थे.
लीज का फार्मूला लोगों ने नकार दिया है. श्री राय ने कहा कि राज्य सरकार ने अवैध बस्तियों को लीज पर जमीन देने का जो फैसला लिया था, उसको जनता ने नकार दिया है. इस फार्मूला को बदलकर कोई नयी चीजों को जोड़ा जाना चाहिए ताकि बस्तियों के लोगों को सीधे तौर पर लाभ हो सके.
59 सबलीज को लेकर कोर्ट जाने की जरूरत, लीज एरिया में रजिस्ट्री शुरू हो. सरयू राय ने कहा कि 59 सबलीज की जमीन को लेकर सरकार को कोर्ट जाना चाहिए. कोर्ट में जाकर जरूर इसकी स्थिति को स्पष्ट की जानी चाहिए. लीज एरिया में रजिस्ट्री तक नहीं हो रही है.
सामुदायिक भवनों के लिए भी नयी नीति जरूरी. मंत्री ने कहा कि सामुदायिक भवनों के लिए नयी नीति जरूरी है. कई लोगों को सामुदायिक भवन नहीं मिल पा रहा है तो कई लोगों को मिला है तो उसको लेकर परेशान किया जा रहा है. विधानसभा क्षेत्र का आधा से ज्यादा हिस्सा टाटा लीज क्षेत्र पड़ता है. ऐसे में पानी सिर से ऊपर बहने लगा है तब जाकर वे यह कह रहे है कि अब इसकी समीक्षा होनी ही चाहिए.
विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले की जांच हो : सरयू
मंत्री सरयू राय ने कहा है कि भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का जाे आरोप लगा है, उसकी जांच होनी चाहिए. भाजपा भी जांच चाहती है, झाविमो के प्रमुख भी यही चाहते हैं. मंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के आरोप की हर स्तर पर जांच होनी चाहिए. पार्टी के विधायक अपने स्तर से अदालत में मानहानि का दावा करने की बात भले कर रहे हैं, पर उनका मानना है कि जांच होनी चाहिए.
लीज समझौते की अब समीक्षा करने की जरूरत है
मंत्री ने कहा कि लीज समझौते में यह जिक्र है कि टाटा स्टील से सरकार चाहे, तो सरकारी योजनाओं के लिए जमीन वापस ले सकती है और लीज मुक्त कर सकती है. लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है. मेरा मानना है कि लीज समझौता पर पुनर्विचार करने की जरूरत है. सरकार पेयजल की व्यवस्था करा दे रही है, लेकिन बस्तियों तक पानी नहीं पहुंच रहा. जिन बस्तियों में नागरिक सुविधाएं नहीं पहुंच रहीं, उन बस्तियों को लीज के दायरे से बाहर कर देना चाहिए.
बाजारों को अब तक तय नहीं होना दुर्भाग्य की स्थिति. बाजारों का मालिक कौन है, यह अब तक तय नहीं हो पाया है. यह शहर के लिए दुर्भाग्य की स्थिति है. बाजार बदतर हो चुके हैं. लेकिन इसका आधुनिकीकरण नहीं हो रहा है और मार्केट में लोग परेशान हैं.
13 को मानगो व जमशेदपुर अक्षेस की होगी गहन समीक्षा. मंत्री ने कहा कि जमशेदपुर अक्षेस और मानगो अक्षेस के कामकाज की 13 जुलाई को गहन समीक्षा की जायेगी. दोनों निकायों का कितना फंड आता है और किस इलाके में कितना खर्च होता है. जमशेदपुर पूर्वी और पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में कितना खर्च होता है.

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