: पानी के लिए तरस रही है पांच हजार आबादी केरेडारी. केरेडारी प्रखंड के पेटो पंचायत के चट्टी पेटो गांव के जमुनियां गढ़ा में पेयजल स्वच्छता विभाग झारखंड सरकार की ओर से 13 करोड़ की लागत से बनी जलमीनार शोभा की वस्तु बन कर रह गयी है. पांच हजार आबादी वाली इस पंचायत के लोगों को शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है. शुद्ध पानी के लिए तरस जा रहे हैं. पेटो पंचायत के सभी गांवों में गर्मी आते ही पेयजल संकट छा जाता है. गर्मी आते ही पानी के लिए महिला-पुरुष इधर-उधर भटकना शुरू कर देते हैं. इस पंचायत की सभी कुओं का जलस्तर नीचे चला गया है. चापानलों से पानी नहीं निकल पाता है. वर्ष 2023 में जमुनियां गढ़ा में 13 करोड़ की लागत से जलमीनार बनी. उस समय लोगों में एक नयी उम्मीद जगी थी कि अब इस पंचायत में पानी की किल्लत नहीं होगी. लेकिन उम्मीद पर पानी फिर गया. चट्टी पेटो गांव निवासी प्रीतम साव ने बताया कि जलमीनार बनने के बाद छह माह तक पर्याप्त पानी मिला, लेकिन तकनीकी खराबी की वजह से पानी आना बंद हो गया है. जिसके कारण पानी के लिए लोग त्राहिमाम हैं. 65 वर्षीय छोटन साव ने बताया कि इस पंचायत में वर्षों से पेयजल संकट है. वर्ष 1965-66 में जवाहर रोजगार योजना के तहत टैंकर से पानी मिलता था. पंचायत के प्रीतम साव, नारायण यादव, अरविंद साव, गुरुदयाल साव, रवींद्र गुप्ता, सुनीता देवी, बसंत साहू, अमित कुमार, टिकेश्वर साहू, राधा देवी, सुनीता देवी, गुड़िया देवी, सुमन देवी, नागिया देवी समेत सभी लोग पेयजल संकट के संदर्भ में विस्तार से जानकारी दी. पानी से जुड़ी समस्या को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन भी दिया गया है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
