हजारीबाग में जल संसाधन विभाग के सात लेखा कर्मियों का तबादला, एक जिले के भीतर ही स्थानांतरण पर उठे सवाल

Hazaribagh News: हजारीबाग में जल संसाधन विभाग के सात लेखा लिपिकों का तबादला किया गया है. छह कर्मियों को दूसरे जिलों में भेजा गया है, जबकि सुधीर कुमार सिंह का स्थानांतरण जिले के भीतर ही होने और अब तक रिलीव नहीं किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं. विभाग ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

हजारीबाग से आरिफ की रिपोर्ट

Hazaribagh News: झारखंड के जल संसाधन विभाग में लंबे समय से एक ही स्थान और एक ही जिले में पदस्थापित कर्मियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. विभाग ने राज्यभर के 118 कर्मचारियों का तबादला किया है. इनमें हजारीबाग जिले के सात लेखा लिपिक भी शामिल हैं. हालांकि, इनमें से छह कर्मियों को दूसरे जिलों में भेजा गया है, जबकि एक कर्मचारी का स्थानांतरण जिले के भीतर ही किये जाने से सवाल उठने लगे हैं.

छह कर्मियों को दूसरे जिलों में मिली नई जिम्मेदारी

जल संसाधन विभाग की ओर से जारी सूची के अनुसार, हजारीबाग के सात लेखा लिपिकों में से छह का स्थानांतरण दूसरे जिलों में किया गया है. विकास कुमार, रविकांत कुमार और राहुल कुमार को ग्रामीण कार्य विभाग, रांची भेजा गया है. वहीं, विनोद कुमार मेहता को चतरा, सुनील कुमार को कोडरमा और ठाकुर विजय कुमार को गुमला में पदस्थापित किया गया है. विभाग का उद्देश्य लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत कर्मियों का स्थान परिवर्तन कर प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना बताया जा रहा है. सरकारी दफ्तरों में वर्षों तक एक ही जगह जमे रहने की प्रवृत्ति को समाप्त करने के लिए यह कदम उठाया गया है. सरकारी मशीनरी भी कभी-कभी सफाई अभियान की तरह चलानी पड़ती है, नहीं तो फाइलों की तरह कुर्सियां भी स्थायी संपत्ति समझ ली जाती हैं.

सुधीर कुमार सिंह के स्थानांतरण पर उठे सवाल

स्थानांतरण सूची में शामिल लेखा लिपिक सुधीर कुमार सिंह का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. उनका स्थानांतरण जनपथ प्रमंडल, हजारीबाग से लघु सिंचाई प्रमंडल, हजारीबाग में किया गया है. यानी उनका तबादला जिले के भीतर ही किया गया है. इतना ही नहीं, स्थानांतरण आदेश जारी हुए दो सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद वे अभी तक अपने पुराने कार्यस्थल पर ही बने हुए हैं. इसे लेकर विभागीय स्तर पर भी सवाल उठ रहे हैं.

एक-दो दिनों में किया जाएगा रिलीव

इस संबंध में शुक्रवार को कार्यपालक अभियंता बलराम मुर्मू ने बताया कि सुधीर कुमार सिंह को एक-दो दिनों के भीतर उनके वर्तमान पद से रिलीव कर दिया जाएगा, ताकि वे नए कार्यालय में योगदान दे सकें.

29 मई को जारी हुई थी स्थानांतरण सूची

गौरतलब है कि जल संसाधन विभाग की ओर से 29 मई को स्थानांतरण एवं पदस्थापन की सूची जारी की गई थी. सरकार के अवर सचिव विनोद कुमार के हस्ताक्षर से जारी आदेश में स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि सभी संबंधित लिपिक एक सप्ताह के भीतर अपने स्थानांतरित कार्यालयों में योगदान देकर प्रभार का आदान-प्रदान सुनिश्चित करें. विभाग ने यह भी कहा है कि आदेश के पालन में किसी प्रकार की लापरवाही होने पर संबंधित अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा. ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर है कि शेष प्रक्रिया कितनी जल्दी पूरी होती है.

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कहां थे और कहां गये

  • सुधीर कुमार सिंह: जनपथ प्रमंडल, हजारीबाग से लघु सिंचाई प्रमंडल, हजारीबाग
  • विनोद कुमार मेहता: जलपथ प्रमंडल, बरही से लघु सिंचाई प्रमंडल, चतरा
  • सुनील कुमार: जलपथ प्रमंडल बरही से लघु सिंचाई प्रमंडल, कोडरमा
  • विकास कुमार: लघु सिंचाई प्रमंडल, हजारीबाग से ग्रामीण कार्य विभाग, रांची
  • रविकांत कुमार: लघु सिंचाई प्रमंडल, हजारीबाग से ग्रामीण कार्य विभाग, रांची
  • राहुल कुमार: भू-गर्भ जल सर्वेक्षण प्रमंडल, हजारीबाग से ग्रामीण कार्य विभाग, रांची
  • ठाकुर विजय कुमार: ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, हजारीबाग से लघु सिंचाई प्रमंडल, गुमला

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Published by: KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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