चौपारण. ताजपुर पंचायत में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के तहत फॉर्म-सात को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर भाजपा प्रतिनिधि पर आरोप-प्रत्यारोप लगाये जा रहे हैं. उक्त पंचायत के दो मतदान केंद्रों से एक ही समुदाय के करीब 190 मतदाताओं के नाम को लेकर भाजपा बीएलए द्वारा फॉर्म-सात बीएलओ को सौंपा गया था.
इसमें मतदाताओं के नाम से संबंधित आपत्तियों की जांच करने का आग्रह किया गया था. इसके बाद मामला राजनीतिक रूप ले लिया. पूर्व मुखिया शौकत खान एवं पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि फॉर्म-सात के माध्यम से मतदाताओं के नाम हटाने की साजिश की जा रही है.
उन्होंने इसे ऐसे लोगों के मौलिक अधिकारों पर प्रहार बताते हुए मामले की शिकायत बीडीओ से लेकर डीसी तक की है. इसी मामले को लेकर शनिवार को होटल चेतना प्लेस में सांसद प्रतिनिधि रिशु वर्णवाल एवं विधायक प्रतिनिधि राजदेव यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्व विधायक एवं पूर्व मुखिया के आरोपों को खारिज किया.
उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया के तहत फॉर्म-सात के माध्यम से किसी भी मतदाता के नाम पर आपत्ति दर्ज की जा सकती है. आपत्ति मिलने के बाद संबंधित आवेदन की तथ्यपरक एवं नियमानुसार जांच की जायेगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में आपत्ति सही पाए जाने पर ही संबंधित मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाने की कार्रवाई होगी। बिना जांच के किसी भी मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा। प्रतिनिधियों ने लोगों से मामले को राजनीतिक रंग देने के बजाय निर्वाचन प्रक्रिया पर भरोसा रखने की अपील की।
