उर्स पर बही गंगा-जमुनी संस्कृति की धारा

कोनरा स्थित सैयदना महमूद शाह के मजार पर लगा उर्स

बरही. बरही के कोनरा स्थित सैयदना महमूद शाह के मजार पर 10 जून को उर्स लगा. जिसमें सैकड़ों अकीदतमंदों ने मजार पर चादर चढ़ाकर दुआएं मांगी. मौके पर दिल्ली की कव्वाला बेबी जारा वारसी व इटावा (उत्तर प्रदेश) के कव्वाल शाने आलम वारसी के बीच कव्वाली का मुकाबला हुआ. दोनों कव्वालों ने एक बढ़कर एक कव्वाली पेश कर श्रोताओं को रात भर झूमाया. इससे पूर्व कव्वाली मंच का उदघाटन राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, पूर्व राज्यसभा सदस्य धीरज साहू, पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला यादव व जानकी यादव ने संयुक्त रूप से किया. मौके पर झामुमो के विनोद विश्वकर्मा, आजसू के संजय यादव, राजद की पूनम यादव, जिप उपाध्यक्ष किसुन यादव, अनुमंडलाधिकारी जोहन टुडू, डीएसपी अजीत कुमार विमल, थाना प्रभारी आभास कुमार मौजूद थे. 25 वर्ष बाद लगा उर्स : 25 वर्षों के बाद यह उर्स लगा था, जिसके कारण लोगों में काफी उत्साह देखा गया. महिलाएं व बच्चों की भीड़ उमड़ी थी. स्थानीय पुलिस प्रशासन के लोग शांति व्यवस्था बनाने में लगे थे. आयोजन कमेटी के अध्यक्ष भगवान केसरी व सचिव मो रिज़वान अली ने कहा कि उर्स में गंगा-जमुनी संस्कृति का नजारा दिखा.

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Author: SUNIL PRASAD

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