अवैध खदान में फंसे मजदूरों की किस्मत पर सस्पेंस बरकरा

केरेडारी के कंडाबेर-बारियातु के सीमा पर स्थित खावा नदी की बाढ़ में बहकर अवैध कोयले की खदान में गये तीन लोगों की बरामदगी रविवार को पांचवें दिन भी नहीं हो पायी.

केरेडारी. केरेडारी के कंडाबेर-बारियातु के सीमा पर स्थित खावा नदी की बाढ़ में बहकर अवैध कोयले की खदान में गये तीन लोगों की बरामदगी रविवार को पांचवें दिन भी नहीं हो पायी. एनडीआरएफ की टीम लगातार दो दिनों से घटनास्थल पर जमी हुई है और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है. दूसरे दिन भी टीम ने तीन बार माइंस के अंदर जाकर खोजबीन की, लेकिन बाढ़ में बहे तीनों व्यक्तियों में से किसी की भी बरामदगी नहीं हो पायी है. रविवार को एनडीआरएफ की टीम 100 फीट अंदर तक माइंस के भीतर गयी. बताया जा रहा है कि माइंस के स्थानीय एक्सपर्ट भी रविवार को अंदर प्रवेश कर सर्च अभियान में शामिल हुए. टीम अभी भी पानी के सूखने का इंतजार कर रही है, ताकि माइंस के अंदर पहुंचने के बाद अंतिम छोर तक खोजबीन संभव हो सके. पांचवें दिन घटनास्थल पर प्रमुख सुनीता देवी, सीओ रामरतन कुमार वर्णवाल, बड़कागांव पुलिस निरीक्षक अनिल कुमार, बीडीओ विवेक कुमार और थाना प्रभारी विवेक कुमार मौजूद रहे. ज्ञात हो कि 21 मई की शाम अचानक खावा नदी में आयी बाढ़ में कंडाबेर निवासी प्रमोद साव (पिता रीतलाल साव, 45 वर्ष), उमेश कुमार (पिता शंभू साव, 25 वर्ष) और नौशाद अंसारी (पिता बदरुद्दीन मियां, 25 वर्ष) बहकर खावा नदी किनारे अवैध माइंस के अंदर समा गये थे. पानी निकासी का कार्य लगातार जारी है, ताकि एनडीआरएफ की टीम को सर्च ऑपरेशन में आसानी हो सके.

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Published by: Praveen

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