हजारीबाग में बढ़ा रसेल वाइपर का आतंक, मुफस्सिल थाने के सिरिस्ता से लेकर शिक्षक के घर तक पहुंचा जहरीला सांप

हजारीबाग जिले में रसेल वाइपर सांप का आतंक लगातार बढ़ रहा है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है. शुक्रवार को एक शिक्षक के घर रसेल वाइपर घुस गया, वहीं कुछ दिन पहले मुफस्सिल थाने के सिरिस्ता कार्यालय में भी यह सांप मिला था. लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से लोग चिंतित हैं.

Russell Viper: हजारीबाग जिले में रसेल वाइपर सांप का लगातार बढ़ता आतंक लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है. शहर से लेकर गांव तक, घरों से लेकर सरकारी कार्यालयों तक इस अत्यंत जहरीले सांप के पहुंचने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. शुक्रवार को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मुकुंडगंज स्थित वास्तु विहार कॉलोनी में एक शिक्षक के घर रसेल वाइपर घुस गया. वहीं, कुछ दिन पहले मुफस्सिल थाना के सिरिस्ता कार्यालय में भी यह जहरीला सांप कुर्सी पर बैठा मिला था. लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से लोगों में दहशत का माहौल है.

शिक्षक के घर में दिखा जहरीला सांप

शुक्रवार को मुकुंडगंज स्थित वास्तु विहार कॉलोनी में रहने वाले एक शिक्षक के घर अचानक रसेल वाइपर दिखाई देने से परिवार के लोगों में अफरा-तफरी मच गई. सांप को देखते ही घर के सदस्य सुरक्षित स्थान पर चले गए और आसपास के लोगों को इसकी सूचना दी. काफी सावधानी बरतते हुए सांप को घर से बाहर निकाला गया. इसी दिन इचाक प्रखंड के रेवाली गांव में भी एक किसान के घर रसेल वाइपर घुसने की घटना सामने आई, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया.

सिरिस्ता में कुर्सी पर बैठा मिला रसेल वाइपर

13 जुलाई को मुफस्सिल थाना के सिरिस्ता कार्यालय में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक रसेल वाइपर सांप कर्मचारियों की कुर्सी पर बैठा दिखाई दिया. जहरीले सांप को देखते ही थाना के पुलिस पदाधिकारी, मुंशी, सिपाही, चौकीदार और अन्य कर्मियों में अफरा-तफरी मच गई. काफी मशक्कत के बाद कर्मचारियों ने सावधानीपूर्वक सांप को कार्यालय से बाहर निकाला. हालांकि इस दौरान किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.

सरकारी कार्यालयों में भी लगातार पहुंच रहा सांप

मुफस्सिल थाना की घटना अकेली नहीं है. करीब दस दिन पहले जिला परिवहन कार्यालय (डीटीओ ऑफिस) में भी रसेल वाइपर घुस गया था. सांप को देखकर कार्यालय के कर्मचारी घबरा गए थे और कुछ समय तक कार्यालय का काम प्रभावित रहा. इसके अलावा लगभग पंद्रह दिन पहले बंदोबस्त कार्यालय में भी रसेल वाइपर मिलने से कर्मचारियों में दहशत फैल गई थी. लगातार सरकारी दफ्तरों में इस जहरीले सांप के पहुंचने से कर्मचारी भी चिंता में हैं.

लोगों में बढ़ी दहशत, सावधानी बरतने की अपील

लगातार घरों और सरकारी कार्यालयों में रसेल वाइपर मिलने की घटनाओं के बाद लोग अपने आसपास अधिक सतर्क रहने लगे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात और उमस के मौसम में सांप अक्सर ठंडी और सुरक्षित जगहों की तलाश में घरों तथा भवनों में प्रवेश कर जाते हैं. ऐसे में लोगों को किसी भी संदिग्ध जगह पर हाथ डालने या बिना देखे सामान उठाने से बचना चाहिए. यदि सांप दिखाई दे तो उसे पकड़ने या मारने का प्रयास करने के बजाय तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना देनी चाहिए.

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क्या कहते हैं वन्य जीव संरक्षक

न्यू ह्यूमन फाउंडेशन के उपाध्यक्ष सह वन्य जीव संरक्षक मुरारी सिंह ने बताया कि उमस बढ़ने पर रसेल वाइपर अपने शरीर का तापमान संतुलित रखने के लिए ठंडी जगहों की तलाश करता है. कई बार भोजन की खोज में भी वह घरों और कार्यालयों में पहुंच जाता है. उन्होंने बताया कि रसेल वाइपर भारत के सबसे जहरीले सांपों में शामिल है. यह सामान्यतः शांत और सुस्त दिखाई देता है, लेकिन खतरा महसूस होने पर बेहद तेजी से हमला कर सकता है. इसलिए ऐसे सांप को देखकर घबराने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखना और विशेषज्ञों की मदद लेना ही सबसे सुरक्षित उपाय है.

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लेखक के बारे में

Published by: Kumarvishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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