हजारीबाग : जिले में राष्ट्र निर्माण में नारी शक्ति की भूमिका को मजबूत करने के उद्देश्य से संघ कार्यालय में राष्ट्रीय सेविका समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई. करीब 40 स्वयंसेविकाओं ने भाग लेकर सेवा, संस्कार, संगठन और राष्ट्रहित के कार्यों को व्यापक स्तर तक पहुंचाने का संकल्प लिया, खास बात यह रही कि करीब 15 वर्षों बाद हजारीबाग में राष्ट्रीय सेविका समिति की शाखा प्रारंभ करने की पहल की गयी.
शाखा की कार्यपद्धति और उद्देश्यों की दी जानकारी
कार्यक्रम के आयोजन में स्वयंसेविका शेफाली गुप्ता की विशेष भूमिका रही, समिति की प्रशिक्षित कार्यकर्ता टंडवा की बबीता जी और चतरा की वर्षा रानी जी ने समिति की शाखा की कार्यपद्धति, उद्देश्यों और गतिविधियों की जानकारी दी. ध्वज स्थापना एवं समिति की प्रार्थना के दौरान पूरा वातावरण अनुशासन और राष्ट्रभावना से ओतप्रोत रहा.
नारी शक्ति की सामाजिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर
बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह विभाग संघ चालक ताराकांत शुक्ल, जिला संघ संचालक वासुदेव प्रसाद कुशवाहा, विभाग प्रचारक आशुतोष जी, जिला सह कार्यवाह विकास जी, वरिष्ठ स्वयंसेवक गंगाधर दुबे जी एवं राम बहादुर जी , एवं वरिष्ठ स्वयंसेवक आदित्य जी विशेष रूप से उपस्थित रहे, पदाधिकारियों ने नारी शक्ति की सामाजिक भागीदारी बढ़ाने और सेवा-संस्कार आधारित गतिविधियों को गति देने पर जोर दिया गया.
ये भी पढ़ें: ट्रेन की चपेट में आने से महिला की मौत, पहचान में जुटी पुलिस
नयी शाखाओं के विस्तार की बनी रणनीति
बैठक में हजारीबाग जिला के विभिन्न क्षेत्रों में नई शाखा प्रारंभ करने और अधिक से अधिक नारी शक्ति को समिति से जोड़ने की रणनीति पर मंथन हुआ। क्षेत्रवार संपर्क, नारी समूहों को सक्रिय करने तथा सामाजिक जागरूकता एवं सेवा गतिविधियों को विस्तार देने का निर्णय लिया गया. नारी शक्ति समाज को दिशा देने में सक्षम इस अवसर स्वयंसेविका शेफाली गुप्ता ने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल किसी एक संस्था या वर्ग की जिम्मेदारी नहीं है.
नारी शक्ति से सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी की अपील
नारी शक्ति में समाज और आने वाली पीढ़ियों को दिशा देने की क्षमता है। उन्होंने नारी शक्ति से सेवा, संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रभावना के साथ सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। बैठक का समापन सेवा, संस्कार, संगठन और राष्ट्रभावना को जीवन का हिस्सा बनाने तथा मातृशक्ति को संगठित कर समाजहित में रचनात्मक कार्यों की नयी श्रृंखला शुरू करने के संकल्प के साथ हुआ.
ये भी पढ़ें: कोडरमा में खनिज विधेयक के विरोध में झामुमो का आंदोलन, 7 सितंबर को प्रखंड मुख्यालयों पर धरना
