हजारीबाग: हजारीबाग जिले में इस वर्ष मानसून की बेरुखी किसानों पर भारी पड़ रही है. सामान्य से कम बारिश होने के कारण खरीफ फसलों की खेती प्रभावित हुई है. जुलाई माह में जिले में सामान्य बारिश 301 मिमी के मुकाबले महज 265.2 मिमी बारिश दर्ज की गयी, जो सामान्य से करीब 15 प्रतिशत कम है. बारिश की कमी से खेतों की नमी तेजी से गायब हो रही है. कई जगहों पर खेतों में दरार पड़ने लगी है. किसान मोटर चलाकर किसी तरह धान की फसल बचाने में जुटे हैं.
जिले की मुख्य खरीफ फसल धान है. कृषि विभाग ने इस वर्ष 84 हजार हेक्टेयर में धान की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया था. अब तक मात्र 12,739 हेक्टेयर में ही धान लग पाया है. कम बारिश का असर मोटे अनाज और दलहन-तिलहन की खेती पर भी पड़ा है. ज्वार, बाजरा और मड़ुआ की बुवाई भी अपेक्षित नहीं हो पायी है. हालांकि, झारखंड सरकार ने मोटे अनाज के उत्पादन को बढ़ाने के लिए मिलेट मिशन की घोषणा की है. दलहन की खेती के लिए 20,400 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया था, जबकि अब तक सिर्फ 8,761 हेक्टेयर में ही खेती हो सकी है. इसी तरह तिलहन फसलों के लिए 2,020 हेक्टेयर लक्ष्य के विरुद्ध महज 1,061 हेक्टेयर में खेती शुरू हो पायी है. सोयाबीन, सूरजमुखी और सरगुजा समेत कई तिलहनी फसलों की बुवाई भी प्रभावित हुई है.
महंगी सिंचाई से बढ़ी खेती की लागत
पदमा के कुट्टीपीसी निवासी किसान विजय मेहता ने बताया कि कम बारिश के कारण बिचड़ा खेत में देर से लगाया गया. बिचड़ा तैयार होने में अभी करीब 15 दिन और लगेंगे. अब तक धानरोपनी शुरू नहीं हो पायी है. किसानों का कहना है कि धान लगाने के बाद भी पर्याप्त बारिश नहीं हुई. फसल बचाने के लिए मोटर चलाकर खेतों में पानी भरना पड़ रहा है. लगातार सिंचाई करने से खेती की लागत बढ़ रही है.
प्रखंडवार बारिश का हाल
इस माह चार अगस्त तक जिले में महज 18.7 मिमी बारिश दर्ज की गयी. जुलाई माह में सदर में 354, दारू में 344.6, चुरचू में 347.7, डाड़ी में 285.4, बड़कागांव में 195.2, केरेडारी में 216.8, इचाक में 333.7, विष्णुगढ़ में 313.2, टाटीझरिया में 261, कटकमदाग में 304.4, बरही में 245.2, बरकट्ठा में 170.6, चलकुशा में 193.9 और पदमा में 184.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गयी है.
कोट :
“आने वाले दिनों में मानसून सक्रिय रहने की उम्मीद है. हजारीबाग जिले में 15 से 20 अगस्त तक धान की बुवाई होती है. कम बारिश की वजह से खेती के आकलन के लिए जल्द प्रखंडों का दौरा होगा. इसके बाद किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की जायेगी.”
शुभांकर गुप्ता, जिला कृषि पदाधिकारी
