बंद सीसीटीवी कैमरे की वजह से पुलिस को ट्रेस करने में हो रही है परेशानी

शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं

जयनारायण हजारीबाग. सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था और आपराधिक घटनाओं की निगरानी के लिए शहर को हाई क्वालिटी सीसीटीवी कैमरा से लैस किया गया. लेकिन एक साल से शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर लगे कई सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हैं. इस वजह से शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं. सांसद, विधायक मद और विज्ञापन होर्डिंग लगाने वाली कंपनियों ने शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर करीब 180 कैमरे लगाये थे. इसमें से मात्र 25 कैमरे ही चल रहे हैं. बंद सीसीटीवी कैमरे की वजह से शहर में हो रही घटनाओं को ट्रेस करने में पुलिस को परेशानी हो रही है. कई बड़ी घटनाओं में भी पुलिस काे कोई सुराग नही मिल रहा है. ऑरेंज मीडिया के जिम्मे सीसीटवी कैमरा : नगर निगम के अनुसार, शहर में लगे सीसीटवी कैमरे के रख-रखाव व कार्य सुधार कार्य का जिम्मा ऑरेंज मीडिया कंपनी को दिया गया है. खराब सीसीटीवी कैमरा को लेकर ऑरेंज मीडिया गंभीर नहीं है. अधिकतर कैमराें में यूपीएस बैकअप की सुविधा नही है, जिसके कारण बिजली कटने के साथ कैमरा बंद हो जा रहा है. जल्द सीसीटीवी कैमरा को बेहतर नहीं किया गया, तो शहर में बड़ी घटना घटने पर पुलिस को पछताना पड़ेगा. सीपीएम नेता गणेश कुमार सीटू ने कहा कि सार्वजनिक स्थल पर सीसीटीवी कैमरा लगने से अपराध में कमी आती है. अपराधियों को भय रहता है कि घटना के बाद पुलिस हमें ट्रेस कर लेगी. लेकिन हजारीबाग जैसे व्यस्त शहर में सीसीटीवी कैमरा बेहतर काम नहीं करना चिंता का विषय है. भाजपा नेता भैया अभिमन्यु प्रसाद सिन्हा ने कहा कि सीसीटीवी कैमरा लगाने का जिम्मा होर्डिंग लगाने वाली कंपनी को दिया गया था, लेकिन कंपनी ने घटिया किस्म के कैमरा लगाने से शहर की सुरक्षा व्यवस्था खतरे में डाल दिया है. इस संबंध में एसपी अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए पुलिस के पास कोई विशेष फंड नही है. इस संबंध में कई बार उपायुक्त को आवेदन दिया गया है. कुछ दिन पहले सांसद व विधायक मद से भी कुछ कैमरे लगे थे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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