बड़कागांव से संजय सागर की रिपोर्ट
बड़कागांव(हजारीबाग). अधिकरण, कोलकाता पीठ ने पकरी बरवाडीह कोयला खनन परियोजना से संबंधित एक याचिका खारिज कर दी है. यह याचिका मंटू सोनी ने दायर की थी और इसमें सड़क मार्ग से कोयला परिवहन पर आपत्ति जताई गई थी. याचिका में परियोजना द्वारा कोयले के सड़क मार्ग से परिवहन को नियमों का पालन न करना बताते हुए आपत्ति जतायी गयी थी.
30 सितंबर 2026 तक मिली है परिवहन की अनुमति
मामले की सुनवाई के दौरान अधिकरण ने कहा कि पकरी बरवाडीह कोयला खनन परियोजना को 30 सितंबर 2026 तक सड़क मार्ग से कोयला परिवहन की अनुमति मिली हुई है. ऐसे में परियोजना का सड़क मार्ग से कोयला परिवहन नियमों का पालन न करना नहीं माना जा सकता है. परियोजना के तहत सड़क मार्ग से कोयला परिवहन जंगल की अनुमति का उल्लंघन भी नहीं है.
सड़क मार्ग से परिवहन जारी रहने पर पर्यावरणीय चिंता
एनजीटी के इस फैसले से पकरी बरवाडीह कोयला खनन परियोजना में कोयले का सड़क मार्ग से परिवहन जारी रहेगा, जो पर्यावरण के लिहाज़ से चिंता का विषय हो सकता है. इस निर्णय के साथ सड़क मार्ग से कोयला परिवहन को लेकर दायर शिकायत पर उठाये गये प्रमुख आपत्तियों को अधिकरण ने स्वीकार नहीं किया.
वैधानिक अनुमतियों के दायरे में परिवहन
एनजीटी के इस आदेश से पकरी बरवाडीह कोल माइनिंग प्रोजेक्ट में किया जा रहा कोयला परिवहन वैधानिक अनुमतियों और स्वीकृतियों के दायरे में ही हो रहा है.
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