हजारीबाग: सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों में किताबों के प्रति रुचि बढ़ाने और नियमित पठन की आदत विकसित करने के उद्देश्य से गुरुवार को समाहरणालय परिसर से रीडिंग कैंपेन 2026 ‘मेरे शब्द, मेरी कहानी’ की मोबाइल लाइब्रेरी वैन रवाना की गयी. जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमारी नीलम और जिला शिक्षा अधीक्षक आकाश कुमार ने हरी झंडी दिखाकर वैन को रवाना किया.
जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमारी नीलम ने कहा कि रीडिंग कैंपेन का उद्देश्य विद्यार्थियों में पढ़ने के प्रति रुचि पैदा करना और नियमित पठन की आदत विकसित करना है. उन्होंने कहा कि मनुष्य के सर्वांगीण विकास में पढ़ने की महत्वपूर्ण भूमिका है. बच्चों में भाषा, समझ, अभिव्यक्ति और कल्पनाशक्ति के विकास के लिए नियमित पठन जरूरी है.
3 से 8 सितंबर तक स्कूलों और समुदायों में पहुंचेगी वैन
रीडिंग कैंपेन की मोबाइल लाइब्रेरी वैन 3 से 8 सितंबर तक छह दिनों के दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों के विद्यालयों और समुदायों का भ्रमण करेगी. इस दौरान बच्चों और ग्रामीण समुदाय के बीच पढ़ने के महत्व को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जायेगा.
अभियान के दौरान ‘मेरे शब्द, मेरी कहानी’ थीम पर कई रोचक और सहभागितापूर्ण गतिविधियां आयोजित की जायेंगी. बच्चों को किताबों से जोड़ने के साथ उन्हें अपनी कल्पनाओं और शब्दों को कहानी के रूप में व्यक्त करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जायेगा.
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पढ़ना सीखने के साथ बनेगा आनंद का अनुभव
कार्यक्रम के दौरान मौजूद पदाधिकारियों और प्रतिभागियों ने पुस्तकों का अवलोकन किया और कहानियों का पठन कर अभियान के प्रति अपनी सहभागिता एवं समर्थन जताया.
अधिकारियों ने कहा कि बच्चों में पठन संस्कृति विकसित करने के लिए केवल विद्यालय ही नहीं, बल्कि समुदाय की सहभागिता भी जरूरी है. अभियान का उद्देश्य विद्यालयों और समुदायों को एकजुट कर बच्चों के लिए ऐसा माहौल तैयार करना है, जहां पढ़ना सिर्फ सीखने की प्रक्रिया न रहकर आनंद और उत्सव का अनुभव बने.
रीडिंग कैंपेन में रूम टू रीड संस्था और परियोजना से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय सहभागिता निभायी. अभियान के माध्यम से बच्चों में किताबों के प्रति रुचि बढ़ाने और नियमित पढ़ने की आदत विकसित करने की दिशा में सामूहिक प्रयास किया जा रहा है.
