पदमा. प्रखंड की एक 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची की शादी इसी महीने कराने की खबर मिलते ही उसे रोकने के लिए बीडीओ निधि रजवार पुलिस बल के साथ बच्ची के घर पहुंच गयीं. जहां बच्ची और उसके माता-पिता घर पर नहीं मिले. घर पर मौजूद बच्ची की दादा-दादी ने बताया कि वे लोग किसी रिश्तेदार के यहां गये हैं. बीडीओ ने दादा-दादी को बच्ची की शादी कराये जाने संबंधी जानकारी मिलने की बात कही. आदेश दिया कि अगर ऐसा है, तो बालिग होने से पहले किसी भी हालत में बच्ची की शादी नहीं होनी चाहिए. अगर नाबालिग बच्ची की शादी उसके अभिभावक करते हैं, तो उन पर कानूनी कारवाई की जायेगी. यह कार्रवाई बच्ची के माता-पिता के साथ उस परिवार पर भी होगा, जिससे बच्ची की शादी करायी जायेगी. बीडीओ ने लड़की के माता-पिता को 24 घंटे में एक शपथ पत्र लाकर जमा करने का निर्देश दिया. साथ ही दूसरे दिन से ही बच्ची को स्कूल भेजने को कहा.
सातवीं पास करने के बाद स्कूल नहीं गयी है बच्ची
बच्ची पदमा कस्तूरबा गांधी विद्यालय में इसी वर्ष कक्षा सातवीं पास कर आठवीं कक्षा में गयी है, लेकिन अब वह स्कूल नहीं जा रही थी. उसके माता-पिता ने उसकी शादी तय कर दी है. बच्ची की इच्छा के विरुद्ध उसकी शादी की तैयारी हो रही थी. जानकारी के अनुसार बच्ची की मां भी नहीं चाहती थी कि उसका विवाह अभी हो, पर घर के मुख्य अभिभावकों की इच्छा के सामने उसने चुप रहना ही उचित समझा. जबकि बच्ची के माता-पिता ने कस्तूरबा विद्यालय में बच्ची का नामांकन कराते समय यह शपथपत्र जमा किया था, जिसमें उन्होंने बच्ची को 12वीं तक पढ़ाने के बाद ही उसका विवाह कराने की बात कही थी.
कस्तूरबा विद्यालय की छात्रा का बाल विवाह रोका
बीडीओ ने बताया कि सूचना मिली थी कि कस्तूरबा विद्यालय में आठवीं में पढ़ने वाली एक 14 वर्षीय बच्ची का जबरन विवाह तय कर दिया गया है. इसी माह में उसका विवाह है. विवाह के कारण बच्ची का स्कूल जाना भी बंद करा दिया गया है. जिसके बाद पदमा पुलिस की टीम, जीआरसी के सदस्य एवं डीपीसी यूनिसेफ के अश्लेषा कुमार के साथ बच्ची के घर जाकर बाल विवाह की रोकथाम का प्रयास किया गया.
