छोटे व्यवसायियों के लिए सरकार बजट में करे विशेष व्यवस्था हजारीबाग. हजारीबाग शहर की अर्थव्यवस्था में फुटपाथ दुकानदारों की अहम योगदान है. 2017 नगर निगम के सर्वे के अनुसार करीब 2100 फुटपाथ दुकानदारों को चिह्नित किया गया था. नगर निगम क्षेत्र के विस्तार और समय के साथ फुटपाथ दुकानदारों की संख्या में बढ़ोतरी हुई. फुटपाथ दुकानदार संघ के अनुसार, हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र में पांच हजार से अधिक फुटपाथ दुकानदार हैं. जिनका प्रत्येक दिन टर्न ओवर करीब एक करोड़ है. राज्य के आम बजट से फुटपाथ दुकानदारों को भी काफी उम्मीदें हैं. प्रभात खबर की टीम ने फुटपाथ दुकानदारों व छोटे व्यवसायियों से इस संबंध में बातचीत की. फुटपाथ दुकानदारों ने कहा कि ज्यादातर फुटपाथ दुकानदार गरीब मध्य वर्गीय हैं. उनके व्यवसाय को बढ़ाने के लिए झारखंड सरकार को विशेष स्ट्रीट भेंडर पैकेज की व्यवस्था करनी चाहिए. फुटपाथ दुकानदार व्यवसायी संघ के अध्यक्ष अनूप भाई वर्मा ने कहा कि फुटपाथ दुकानदारों की स्थायी व्यवस्था के लिए बजट में प्रावधान होना चाहिए. कई वर्षों से हजारीबाग नगर निगम में वेंडिंग जोन बनाने की मांग की जा रही है. शंकर मेहता ने कहा कि फुटपाथ दुकानदार के पास पूंजी कम रहती है. इस तरह के व्यवसायियों के लिए स्ट्रीट भेंडर क्रेडिट कार्ड बनाने की मांग की. सरिता देवी ने कहा कि रोड के किनारे हमलोग सामान बेचते हैं. अतिक्रमण हटाओ अभियान का पहला शिकार हमलोग होते हैं. सरकार को इस पर ध्यान देने की जरूरत है. सुधीर कुमार मेहता ने कहा कि फुटपाथ दुकानदार हमेशा डरे रहते हैं. पूंजी भी कम रहती है. सरकार को इस बजट में इन्हें बसाने के लिए विशेष ध्यान देने की जरूरत है. दुकानदार संगीता देवी ने कहा कि दुकानदारों को व्यवसाय के लिए बैंकों से क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने की व्यवस्था इस बजट में करनी चाहिए. राजू मेहता ने कहा कि सब्जी व्यवसायियों के लिए भी विशेष पैकेज की व्यवस्था होनी चाहिए. डेली मार्केट सहित अन्य स्थानों पर कोल्ड स्टोरेज बनाने की मांग की. हरि मेहता ने कहा कि इस बजट में व्यवसायियों को ध्यान में रख कर बजट बनाने की जरूरत है. हजारीबाग जिला व्यवसाय के मामले में काफी पिछड़ा हुआ है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
