हजारीबागः हजारीबाग शहर की कई प्रमुख सड़कें इन दिनों बदहाल हैं. सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे होने के कारण लोगों को पैदल चलने में भी परेशानी हो रही है. मेन रोड, इंद्रपुरी रोड, डिस्ट्रिक्ट बोर्ड रोड, खिरगांव रोड समेत शहर की कई सड़कों की स्थिति खराब है. सड़कों की बदहाली को लेकर खतियानरी परिवार ने चिंता जताते हुए जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के प्रति रोष व्यक्त किया.
जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल
बैठक में खतियानरी परिवार के केंद्रीय महासचिव मोहम्मद हकीम ने कहा कि जब हजारीबाग शहर की सड़कों की स्थिति इतनी दयनीय है, तो ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों का क्या हाल होगा. उन्होंने कहा कि शहर की बदहाल सड़कों के मुद्दे पर न सांसद और न ही विधायक आवाज उठा रहे हैं. जनता सड़कों की हालत से त्रस्त है.
ये भी पढ़ें- सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए ग्रामीणों ने डीसी से लगाई गुहार
उन्होंने नगर निगम के महापौर पर भी निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के समय सड़कों और जनसमस्याओं को लेकर आवाज उठाई जा रही थी, लेकिन अब इस दिशा में कोई पहल नहीं हो रही है. शहर का शायद ही कोई ऐसा रास्ता हो, जिसकी स्थिति ठीक हो. अधिकांश सड़कें पैदल चलने लायक भी नहीं रह गई हैं.
जिला प्रशासन को भी घेरा
खतियानरी परिवार के सदस्यों ने कहा कि शहर की सड़कों की बदहाली के कारण आम लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इसके बावजूद जिला प्रशासन भी मूकदर्शक बना हुआ है. जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की उदासीनता के कारण हजारीबाग शहर की जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है. बैठक में प्रदीप प्रसाद मेहता, रामचंद्र राम, विजय मिश्रा, उमेश प्रसाद मेहता, शंकर राम, तनवीर अख्तर, मुख्तार अंसारी, मेगन मेहता, चंदन कुमार गुप्ता, सुरेश महतो, महेश विश्वकर्मा, वीरेंद्र प्रसाद, राधा देवी, चिंता देवी और शोएब अंसारी उपस्थित थे.
