दारू(हजारीबाग). हजारीबाग के दारू अंचल क्षेत्र में ग्रामीणों ने जिनगा मौजा की सरकारी गैरमजरूआ जमीन पर अवैध बंदोबस्ती और अतिक्रमण का आरोप लगाया है. उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है.
अतिक्रमण के कारण आजीविका प्रभावित
ग्रामीणों के अनुसार थाना नंबर 193 में खाता नंबर 77, प्लॉट नंबर 2125 तथा खाता नंबर 01, प्लॉट नंबर 2255 की जमीन का वर्षों से पशु चराने के लिए उपयोग होता रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि गांव की लगभग 90 फ़ीसदी आबादी सीधे तौर पर कृषि और पशुपालन पर निर्भर है. इस महत्वपूर्ण जमीन पर अतिक्रमण होने से सीधे तौर पर इन ग्रामीणों की आजीविका प्रभावित होगी और पशुपालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा.
इसी जमीन का इस्तेमाल मृत पशुओं को दफनाने के लिए भी होता रहा है. साथ ही, गांव से श्मशान घाट जाने का रास्ता भी इसी जमीन से होकर जाता है. भविष्य में खेल मैदान के लिए भी यही उपयुक्त स्थल है.
ग्रामीणों का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि अंचल कार्यालय के पदाधिकारियों व कर्मियों की कथित मिलीभगत से ही यह अवैध बंदोबस्ती संभव हुई है, जिससे उनकी लंबे समय से चली आ रही जमीन खतरे में है. अंचल व वन विभाग को आवेदन देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने झारखंड भू-अतिक्रमण निवारण अधिनियम के तहत जांच कर जमीन अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है.
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