हजारीबाग. झारखंड किसान सभा, झारखंड विस्थापित संघर्ष मोर्चा और झारखंड आंदोलनकारियों की ओर से 30 सितंबर 2026 को आयोजित झारखंड बंद ऐतिहासिक होगा. उक्त बातें झारखंड किसान सभा व झारखंड विस्थापित संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष सह हजारीबाग के पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने परिसदन में सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कही. श्री मेहता ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों के सम्मान, जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा, विस्थापितों के पुनर्वास, किसानों के अधिकार, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और झारखंडी भाषा-संस्कृति जैसे मुद्दों को लेकर 30 सितंबर को झारखंड बंद का आह्वान किया गया है. उन्होंने आंदोलनकारियों, किसानों, मजदूरों, आदिवासियों, विद्यार्थियों और आम जनता से बंद को सफल बनाने की अपील की है.
आंदोलनकारियों को राजनीतिक मान-सम्मान एवं अलग पहचान देने, उनके परिवारों के लिए रोजगार की व्यवस्था करने तथा सम्मानजनक पेंशन उपलब्ध कराने, आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण और संबंधित आयोग के पुनर्गठन की मांग भी उठायी. प्रेसवार्ता में लैंड बैंक रद्द करने, जल-जंगल-जमीन की लूट रोकने तथा गैरमजरुआ जमीन के रैयती अधिकारों को मान्यता देने, अधिग्रहित जमीन का उचित मुआवजा, विस्थापित परिवारों का पुनर्वास और रोजगार की गारंटी देने, किसानों को 10,000 मासिक पेंशन देने, कृषि ऋण माफ करने तथा उचित मूल्य पर खाद और बीज उपलब्ध कराने की मांग रखी.
उन्होंने कृषि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर जोर दिया. झारखंड के युवक-युवतियों के लिए रोजगार आधारित उद्योग-धंधे स्थापित करने की मांग की. मजदूरों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के पलायन को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया.
प्रेसवार्ता में झारखंड स्वतंत्रता सेनानी विचार मंच के अध्यक्ष बटेश्वर प्रसाद मेहता, केंद्रीय सचिव मो अजीम अंसारी, खतियानी परिवार के केंद्रीय महासचिव मो हकीम, निजाम अंसारी, लोकनाथ महतो, सीपीएम के जिला सचिव गणेश कुमार सीटू, रोहित मेहता, मुख्तार अंसारी, शंभु कुमार, अधिवक्ता अनंत कुमार आर्या, महेंद्र राम, अशोक मेहता, विजय कुमार कुशवाहा, शौकत अनवर राजू सहित अन्य लोग उपस्थित थे.
