नाइट ब्लड सर्वे की तकनीकी विधि से अवगत हुए स्वास्थ्यकर्मी

राष्ट्रीय फाइलेरिया विलोपन कार्यक्रम के तहत गुरुवार को सिविल सर्जन डॉ एसपी सिंह की अध्यक्षता में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया.

हजारीबाग. राष्ट्रीय फाइलेरिया विलोपन कार्यक्रम के तहत गुरुवार को सिविल सर्जन डॉ एसपी सिंह की अध्यक्षता में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया. यह प्रशिक्षण नाइट ब्लड सर्वे के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आयोजित किया गया, जो 25 मई से पांच जून तक हजारीबाग के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित शहरी क्षेत्रों में कराया जायेगा. मौके पर सीएस ने कहा कि यह प्रशिक्षण सर्वेक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित होगा. प्रशिक्षण में लैब टेक्नीशियन और एमपीडब्ल्यू (मल्टीपर्पज वर्कर) सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया. इसका उद्देश्य फाइलेरिया संक्रमण की निगरानी, माइक्रोफाइलेरिया की पहचान तथा सैंपल संग्रह की वैज्ञानिक प्रक्रिया से प्रतिभागियों को अवगत कराना था. इस दौरान डॉ कपिल मुनि प्रसाद, मैमूर सुल्तान और सुमित कुमार पासवान ने नाइट ब्लड सर्वे की तकनीकी विधि, सैंपल कलेक्शन की समय-सीमा, स्लाइड प्रिपरेशन और रिपोर्टिंग प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी. कार्यक्रम में विभाग के रामशंकर प्रसाद, फैयाज आलम और पिरामल फाउंडेशन के जिला प्रतिनिधि प्रमोद कुमार ने अहम भूमिका निभायी.

उषा सिलाई स्कूल में महिलाओं का आवासीय प्रशिक्षण शुरू

हजारीबाग. नव भारत जागृति केंद्र (एनबीजेके) द्वारा संचालित उषा सिलाई स्कूल कार्यक्रम के तहत एनबीजेके संयोजन कार्यालय अमृतनगर में अडॉप्ट सिलाई स्कूल सेगमेंट में ग्रामीण महिलाओं का नौ दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शुरू हो गया है. प्रशिक्षण का उद्घाटन एनबीजेके सचिव सतीश गिरिजा ने किया. उन्होंने कहा कि सिलाई का हुनर सीखकर महिलाएं आय अर्जित कर सकती हैं, जो उनके सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. उन्होंने प्रशिक्षुओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि उषा सिलाई स्कूल कार्यक्रम के माध्यम से प्रशिक्षण ले चुकी सैकड़ों महिलाएं हर महीने आठ से दस हजार रुपये कमा रही हैं. उषा इंटरनेशनल के राज्य कार्यक्रम अधिकारी फेलिक्स तिर्की ने महिला सशक्तिकरण में एनबीजेके के सहयोग की सराहना की. कार्यक्रम प्रभारी शैलेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया. यह प्रशिक्षण 28 मई तक चलेगा, जिसमें गिरिडीह जिले के गिरिडीह सदर, बेंगाबाद, जमुआ, गांडेय, बगोदर प्रखंडों की 11 महिलाएं शामिल हैं. कोर्स पूरा होने के बाद प्रत्येक महिला को प्रमाण पत्र, प्रशिक्षण गाइड, सिलेबस, उषा सिलाई स्कूल का साइनेज बोर्ड और एक नयी सिलाई मशीन भी मिलेगी. इस अवसर पर ट्रेनर पिंकी शर्मा, कमलजीत सहित कई लोग उपस्थित थे.

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Published by: Praveen

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