सड़क पर लापरवाही पड़ रही भारी, 233 मौतों के बाद हजारीबाग में जागरूकता अभियान तेज
Hazaribagh Road Accident: सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए हजारीबाग में परिवहन विभाग ने व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया है. 31 जनवरी तक चलने वाले इस अभियान के तहत जागरूकता रथ 16 प्रखंडों में पहुंचेगा. जिले में 281 दुर्घटनाओं में 233 मौतों के बाद प्रशासन ने सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर दिया है.
Hazaribagh Road Accident, हजारीबाग (आरिफ): सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने हजारीबाग में व्यापक जागरूकता अभियान की शुरुआत की है. नये वर्ष से शुरू हुआ यह अभियान पूरे जनवरी माह यानी 31 जनवरी तक चलेगा. शुक्रवार को उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने समाहरणालय परिसर से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. यह जागरूकता रथ जिले के सभी 16 प्रखंडों के गांव-गांव में जाकर लोगों को यातायात नियमों की जानकारी दे रहा है.
जागरूकता अभियान आयोजित किये जाएंगे जागरूकता कार्यक्रम
जागरूकता अभियान के तहत चौक-चौराहों, स्कूलों, कॉलेजों और अन्य संस्थानों में भी विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. इन कार्यक्रमों को अलग-अलग नाम दिये गये हैं, जिनमें सचेत झारखंड, जीवन सुरक्षा, सतर्क बालक सुरक्षित जीवन, सहायता मंच, गेम फॉर सेफ्टी, गुड सेमीरिटन ड्राइव, सावधानी की पाठशाला, सड़क सुरक्षा दूत, सड़क सुरक्षा चौपाल, रफ्तार घटाओ सुरक्षा बढ़ाओ, काउंसलिंग, हेल्थ चेक-अप कैंप सहित अन्य गतिविधियां शामिल हैं. इस पूरे अभियान को राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह से जोड़ा गया है.
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281 सड़क दुर्घटनाओं में 233 की मौत
हजारीबाग में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं. जनवरी 2024 से सितंबर 2025 के बीच जिले में कुल 281 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गयीं, जिनमें 233 लोगों की मौत हो गयी, जबकि 192 लोग घायल हुए. जांच में यह भी सामने आया है कि अधिकांश दुर्घटनाएं यातायात नियमों की अनदेखी और असुरक्षित ड्राइविंग के कारण हुईं. दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट नहीं पहनना, चारपहिया वाहन चलाते समय निर्धारित गति सीमा का पालन नहीं करना, तीखे मोड़ और ब्लैक स्पॉट पर तेज रफ्तार से वाहन चलाना दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण रहे हैं.
चरही और दनुआ-भनुआ घाटी ब्लैक स्पॉट
हजारीबाग में चरही घाटी के हत्यारी मोड़ और दनुआ-भनुआ घाटी (चौपारण प्रखंड, बिहार सीमा) को प्रमुख ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है. इसके अलावा कई तीखे मोड़ को भी संवेदनशील माना गया है. इन स्थानों पर एनएचएआई और जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के उपाय किये गये हैं. स्ट्रीट लाइट, चेतावनी बोर्ड और रिफ्लेक्टर लगाये गये हैं, लेकिन वाहन चालकों को इन स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है.
नियमों के पालन से ही सुरक्षित सफर
डीटीओ बैद्यनाथ कामती ने बताया कि बीमारी से जितनी मौतें नहीं हो रही हैं, उससे अधिक मौतें सड़क दुर्घटनाओं में दर्ज हो रही हैं. दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विभाग की ओर से हरसंभव उपाय किये जा रहे हैं, बावजूद लोग यातायात नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सुरक्षित सड़क और सुरक्षित जीवन के लिए नियमों का पालन अनिवार्य है. जागरूकता अभियान के साथ-साथ नियम तोड़ने वालों से अर्थदंड की वसूली भी की जा रही है.
