हजारीबाग: हजारीबाग के शिवपुरी स्थित दुबे मेडिकल हॉल के संचालक डॉ अशोक कुमार दुबे के पुत्र डॉ आशीष कुमार दुबे ने UPSC Combined Medical Services Examination (CMS) में सफलता हासिल कर हजारीबाग का नाम रोशन किया है. उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ शहर में भी खुशी का माहौल है. आशीष की सफलता उन छात्र-छात्राओं के लिए भी प्रेरणा है, जो मेहनत और सही दिशा के साथ अपने लक्ष्य को हासिल करना चाहते हैं.
RIMS से की MBBS की पढ़ाई
डॉ आशीष कुमार दुबे ने अपनी स्कूली शिक्षा हजारीबाग के DAV स्कूल से प्लस टू तक पूरी की. इसके बाद उन्होंने राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS), रांची से MBBS की पढ़ाई पूरी की. पढ़ाई के दौरान उन्होंने अपने लक्ष्य पर लगातार ध्यान बनाए रखा और मेहनत में कभी कोताही नहीं बरती.
UPSC CMS में सफलता हासिल करने के बाद आशीष ने अपनी उपलब्धि का श्रेय परिवार को दिया. उन्होंने कहा कि उनके दादा डीएस दुबे, पिता डॉ अशोक कुमार दुबे, मां रीता दुबे और चाचा एडवोकेट अवधेश दुबे का उनके जीवन में अहम योगदान रहा है.
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बचपन से पढ़ाई के महत्व का मिला संस्कार
डॉ आशीष ने कहा कि परिवार के लोगों ने बचपन से ही उन्हें पढ़ाई के महत्व को समझाया. साथ ही जीवन में एक लक्ष्य निर्धारित कर उसे हासिल करने के लिए लगातार प्रेरित किया. परिवार की ओर से मिलने वाला प्रोत्साहन उन्हें हर कदम पर आगे बढ़ने की ताकत देता रहा.
उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे वह अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते गए, परिवार के साथ समाज के लोगों से भी उन्हें प्रोत्साहन मिलता रहा. इसी मेहनत, मार्गदर्शन और लगातार मिले उत्साह का परिणाम है कि आज उन्हें UPSC CMS में सफलता मिली है.
पिता बोले- बचपन से ही मेधावी रहा है आशीष
आशीष के पिता डॉ अशोक कुमार दुबे ने कहा कि उनका बेटा बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहा है. उसने DAV स्कूल हजारीबाग से जूनियर शिक्षा से लेकर प्लस टू तक की पढ़ाई पूरी की और इसके बाद RIMS से MBBS किया.
उन्होंने कहा कि आशीष ने पढ़ाई को लेकर कभी लापरवाही नहीं बरती. उसकी मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण का ही परिणाम है कि उसने UPSC CMS जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में सफलता हासिल की है.
डॉ अशोक कुमार दुबे ने कहा कि वह चाहते हैं कि आशीष की सफलता से प्रेरणा लेकर जिले के दूसरे छात्र-छात्राएं भी अपने लक्ष्य को तय करें और उसे हासिल करने के लिए पूरी मेहनत करें. उन्होंने कहा कि युवा अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर अपने परिवार के साथ समाज और जिले का भी नाम रोशन कर सकते हैं.
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