हजारीबाग. बेल्जियम से एक विशाल डिस्टिलेशन कॉलम (एक तरह का उपकरण जो चीजों को अलग करता है) शुगर मिल के लिए लाया गया है. यह कॉलम शुक्रवार को नगमा टोल प्लाजा के समीप पहुंचा. इसे देखने के लिए आसपास के लोगों की भीड़ जुट गयी. लोगों के चेहरों पर आश्चर्य का भाव था, कुछ तो अपनी खुशी व्यक्त करने के लिए मशीन के साथ सेल्फी ले रहे थे.
बताया गया कि यह विशाल वेसल, जो बेल्जियम से लाया गया है, गन्ने के रस से एथेनॉल (एक प्रकार का ईंधन) के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जो कि एक स्वच्छ ऊर्जा स्रोत है. यह उपकरण गन्ने के रस से एथेनॉल के उत्पादन की प्रक्रिया को आसान और कुशल बनाता है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ावा मिलता है.
वेसल के लिए खुलेगा नगमा टोल प्लाजा का खास रास्ता
इतने ऊंचे उपकरण (वेसल) को नगमा टोल प्लाजा से पार कराना अपने आप में चुनौतीपूर्ण होगा. पहली बार इतने बड़े उपकरण को निकालने के लिए टोल प्लाजा के ऊपर का हिस्सा खोला जायेगा. इसके लिए टीम ने पहले से तैयारी की है.
सुरक्षित पारगमन: मार्ग का गहन निरीक्षण
वेसल के पहुंचने से पहले टीम ने पूरे मार्ग का सर्वे कराया था. तीन सितंबर को इसके साथ चल रही एक तकनीकी टीम ने भी नगमा टोल प्लाजा का निरीक्षण किया और मार्ग की स्थिति के साथ ऊंचाई का जायजा लिया. वेसल के साथ इंजीनियरों की एक टीम भी चल रही है, जो पूरे परिवहन के दौरान तकनीकी निगरानी कर रही है.
5 सितंबर को गेट-1 से वेसल का सफर
जानकारी के अनुसार, पांच सितंबर को विशाल वेसल को नगमा टोल प्लाजा के गेट नंबर-1 से पार कराया जायेगा. इसे ले जा रहे विशेष वाहन में करीब 260 पहिये लगे हैं. वाहन की लंबाई करीब 70 से 80 फीट और ऊंचाई लगभग 35 फीट बतायी गयी है.
20 फीट के टोल प्लाजा पर 35 फीट का वेसल
टोल प्लाजा की ऊंचाई करीब 20 फीट है, जबकि वेसल को ले जा रहे वाहन की ऊंचाई लगभग 35 फीट बतायी जा रही है. ऐसे में इसे सुरक्षित तरीके से निकालने के लिए टीम ने टोल प्लाजा के ऊपरी हिस्से को हटाने की तैयारी की है.
विशेष टोल दर लागू
विशाल वाहन के कारण सामान्य वाहनों की तुलना में अधिक टोल टैक्स देना होगा. जानकारी के अनुसार सात एक्सेल (पहियों का समूह) वाले वाहनों के लिए अलग टोल दर निर्धारित है. टीम वेसल को सुरक्षित तरीके से पार कराने के दौरान यातायात प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान देगी.
बेल्जियम से आए विशालकाय वेसल | Prabhat Khabar Network
