मार्च महीने में हजारीबाग में परीक्षाओं पर जोर, मगर ओलंपियाड और मेधा छात्रवृत्ति एग्जाम से गायब रहे विद्यार्थी

Hazaribagh News: हजारीबाग में ओलंपियाड, मॉडल विद्यालय और मेधा छात्रवृत्ति परीक्षाएं समय पर हुईं, लेकिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी अनुपस्थित रहे. शिक्षा विभाग ने शांतिपूर्ण परीक्षा संपन्न होने का दावा किया है. अनुपस्थिति के कारणों पर सवाल उठ रहे हैं, जबकि 1 अप्रैल से नए सत्र की तैयारी तेज कर दी गई है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

हजारीबाग से आरिफ की रिपोर्ट

Hazaribagh News: झारखंड के हजारीबाग जिले में मार्च महीने के दौरान शिक्षा विभाग ने विभिन्न परीक्षाओं को समय पर आयोजित करने पर विशेष ध्यान दिया. विभाग की प्राथमिकता रही कि सभी परीक्षाएं तय समयसीमा के भीतर पूरी हों, ताकि नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से बिना किसी बाधा के शुरू किया जा सके. इस बीच एक खबर यह भी है कि भले ही शिक्षा विभाग का फोकस शांतिपूर्ण परीक्षा आयोजित करने पर था, लेकिन ओलंपियाड, मॉडल और छात्रवृत्ति परीक्षाओं से कई विद्यार्थी गायब भी रहे.

एक दिन में तीन महत्वपूर्ण परीक्षाएं आयोजित

इसी क्रम में 28 मार्च को जिले में तीन महत्वपूर्ण परीक्षाएं आयोजित की गईं. इनमें झारखंड राज्य ओलंपियाड परीक्षा, मॉडल विद्यालय प्रवेश परीक्षा और राष्ट्रीय साधन सह मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा शामिल हैं. इन परीक्षाओं के लिए अलग-अलग केंद्र बनाए गए थे और प्रशासन की ओर से शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए थे.

ओलंपियाड परीक्षा केंद्र और उपस्थिति

झारखंड राज्य ओलंपियाड परीक्षा के लिए इंटर साइंस कॉलेज, हिंदू प्लस टू उच्च विद्यालय और संत रॉबर्ट उच्च विद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाया गया था. यहां परीक्षाएं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुईं, लेकिन कुछ विद्यार्थियों की अनुपस्थिति ने चिंता जरूर बढ़ाई. यह परीक्षा मेधावी छात्रों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है, फिर भी अपेक्षित उपस्थिति नहीं रही.

मॉडल विद्यालय प्रवेश परीक्षा में भी अनुपस्थिति

मॉडल विद्यालय प्रवेश परीक्षा के लिए शहरी क्षेत्र के हिंदू प्लस टू उच्च विद्यालय, चौपारण के केबीएसएस उच्च विद्यालय और बरकट्ठा के प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय को केंद्र बनाया गया था. शिक्षा विभाग द्वारा जारी खैरियत प्रतिवेदन के अनुसार हिंदू प्लस टू विद्यालय में सबसे अधिक 29 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे. वहीं, केबीएसएस में 11 और प्रोजेक्ट बालिका विद्यालय में 5 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए. यह आंकड़े बताते हैं कि विद्यार्थियों की भागीदारी उम्मीद के अनुरूप नहीं रही.

मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा में भी बड़ी संख्या में गैरहाजिरी

राष्ट्रीय साधन सह मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा के लिए पूरे जिले में केवल एक केंद्र हिंदू प्लस टू उच्च विद्यालय को बनाया गया था. इस परीक्षा में कुल 480 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था, लेकिन केवल 379 विद्यार्थी ही परीक्षा में शामिल हुए. यानी 101 विद्यार्थी परीक्षा से अनुपस्थित रहे. यह संख्या शिक्षा विभाग के लिए चिंता का विषय बन सकती है, क्योंकि यह परीक्षा आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों के लिए बेहद अहम होती है.

शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई सभी परीक्षाएं

झारखंड शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) के दिशा-निर्देशों के तहत जिला शिक्षा विभाग ने इन तीनों परीक्षाओं का सफल आयोजन किया. सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण और नियमों के अनुरूप संपन्न हुई. प्रशासन की ओर से सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई थी.

डीईओ का बयान और नई सत्र की तैयारी

जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) प्रवीण रंजन ने बताया कि सभी परीक्षाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर सफलतापूर्वक संपन्न कर ली गई हैं और इसकी रिपोर्ट विभाग को भेज दी गई है. उन्होंने कहा कि समय पर परीक्षाएं पूरी होने से विद्यार्थियों और अभिभावकों को राहत मिली है. साथ ही, 1 अप्रैल से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र में पढ़ाई सुचारू रूप से शुरू हो सकेगी.

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विद्यार्थियों की अनुपस्थिति पर उठे सवाल

हालांकि परीक्षाओं का आयोजन समय पर हो गया, लेकिन बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की अनुपस्थिति ने शिक्षा विभाग के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है. विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे जागरूकता की कमी, तैयारी का अभाव या अन्य सामाजिक कारण हो सकते हैं. आने वाले समय में विभाग को इस दिशा में भी ठोस कदम उठाने की जरूरत होगी.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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