बरकट्ठा: गंगापचो गांव स्थित डिवाइन पब्लिक स्कूल में गुरु पूर्णिमा का पर्व हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया. कार्यक्रम की शुरुआत छात्र-छात्राओं द्वारा महर्षि वेद व्यास की विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-अर्चना कर की गई.
इसके उपरांत, विद्यार्थियों ने अपने गुरुओं को तिलक लगाकर और उपहार भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया. निदेशक आईपी भारती ने कहा कि आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को वेदों के रचयिता महर्षि वेदव्यास के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसे व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है. उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि महर्षि वेदव्यास ने चारों वेदों का संकलन करने के साथ-साथ 'महाभारत' जैसे महान ग्रंथ की रचना की और उन्हें संसार का पहला व सबसे बड़ा गुरु माना जाता है.
प्राचार्य राकेश कुमार मल्लिक ने अपने विचार रखते हुए कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन अवसर है. यह हमें जीवन में एक सच्चे मार्गदर्शक की महत्ता समझाता है, जो हमें सही दिशा दिखाकर जीवन को सफल बनाने की प्रेरणा देता है.
इस अवसर पर विद्यालय में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने भजन, कविता पाठ और भाषण प्रस्तुत किये. शिक्षिका संगीता कुमारी द्वारा प्रस्तुत मधुर गीत ने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया.
