हजारीबाग. भारतवर्ष में जाति आधारित जनगणना हो रही है. लेकिन ओबीसी की आबादी लगभग 70 प्रतिशत होने के बाद भी जनगणना फॉर्म में ओबीसी का कॉलम नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है. ओबीसी समुदाय को हक और अधिकार से शून्य करना सोची-समझी रणनीति है. एससी, एसटी और सामान्य का कॉलम है. उक्त बातें राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के प्रदेश सचिव सुरेश ठाकुर ने कही.
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा झारखंड प्रदेश दिल्ली प्रवास पर है. ओबीसी कॉलम जोड़ने के लिए राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग, दिल्ली को ज्ञापन सौंपा है. श्री ठाकुर ने कहा कि ओबीसी कॉलम नहीं होने से ओबीसी समुदाय को सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और राजनीतिक स्तर पर नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जनगणना फॉर्म में ओबीसी का कॉलम जोड़े, नहीं तो देश के ओबीसी संगठन पूरे देश में चरणबद्ध आंदोलन करेंगे.
