70% सीटों पर पुराने चेहरों पर जताया भरोसा

नगर निकाय चुनाव

हजारीबाग. नगर निगम चुनाव परिणाम में इस बार शहर की राजनीति में दिलचस्प रुझान देखने को मिले. 36 वार्ड वाले हजारीबाग नगर निगम में 70 प्रतिशत सीटों पर पुराने वार्ड पार्षद या उनके परिवार के सदस्यों ने जीत दर्ज की. 27 फरवरी को चुनाव परिणाम में कुल 21 वार्डों के पूर्व पार्षद या उनके परिजन निर्वाचित हुए हैं. जबकि दो वार्ड पार्षद पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं. इनमें वार्ड 13 से विकास कुमार यादव पिछले तीन चुनाव से निर्विरोध चुने जा रहे हैं. वहीं वार्ड 36 से अविनाश कुमार यादव इस बार निर्विरोध चुने गये हैं. इसके पूर्व इनकी मां देवी गोप वार्ड पार्षद थीं. इस परिणाम ने दिखाया कि नगर निकाय चुनाव में स्थानीय राजनीतिक अनुभव और पारिवारिक प्रभाव साफ झलका. नये चेहरे के बावजूद मतदाताओं ने पुराने प्रत्याशियों पर भरोसा दिखाया.

चुनाव में जो पूर्व पार्षद या उनके परिवार के सदस्य जीते

वार्ड 28 के दीप रंजन चौथी बार वार्ड पार्षद चुने गये हैं. वह पहली बार 2008 में 21 वर्ष के उम्र में पार्षद बने थे. वार्ड 29 की मीना प्रजापति अपने वार्ड का चार बार से प्रतिनिधित्व कर रही हैं. इसके अलावा वार्ड एक की सजदा खातून दूसरा बार वार्ड पार्षद बनीं. वार्ड तीन के विजय प्रसाद तीन बार, वार्ड चार के अनिल प्रसाद दो बार, वार्ड पांच की रेखा सिंह चार बार, वार्ड नौ के बैजनाथ राम दो बार, वार्ड 11 की मरियम चाकी तीन बार, वार्ड 12 की निशा सिन्हा दो बार, वार्ड 14 से प्रभा गुप्ता दो बार, वार्ड 15 की अंशिका प्रिया तीन बार, वार्ड 17 से कुणाल चौरसिया दो बार, वार्ड 19 की शीला देवी चार बार, वार्ड 20 से प्रमिता सिन्हा तीन बार, वार्ड 21 से टिंकू खान दो बार, वार्ड 23 से दीपक सिन्हा दो बार, वार्ड 24 से कांति देवी दो बार, वार्ड 25 से भूलन राम तीन बार, वार्ड 26 से मोना देवी चार बार, वार्ड 27 से सोनी क्षेत्री कृष्णा दो बार, वार्ड 33 से मुन्नी देवी दो बार पार्षद चुनी गयी हैं.

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Author: SUNIL PRASAD

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