बड़कागांव के बदहाल खेल मैदानों से टूटी खिलाड़ियों की उम्मीदें

सरकारी उपेक्षा के कारण बड़कागांव प्रखंड के दर्जनों खेल मैदान बदहाल हो गये हैं. इस कारण खेल के दौरान हर दिन खिलाड़ी गिरकर चोटिल हो रहे हैं.

बड़कागांव. सरकारी उपेक्षा के कारण बड़कागांव प्रखंड के दर्जनों खेल मैदान बदहाल हो गये हैं. इस कारण खेल के दौरान हर दिन खिलाड़ी गिरकर चोटिल हो रहे हैं. खेल संसाधनों की कमी से खेल भावना कुंठित हो रही है. बालिका वर्ग में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी झालो कुमारी, एथलेटिक्स के क्षेत्र में चंदौल निवासी सदानंद कुमार राष्ट्रीय स्तर पर, कराटे के क्षेत्र में सुरेंद्र कुमार तुरी और आर्चरी के क्षेत्र में दुर्गेश कुमार महतो ने राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान बनायी है. अगर यहां के खेल मैदान सही रहते तो दर्जनों खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी बड़कागांव से होते.

ये खेल मैदान हैं बदहाल

बड़कागांव हाई स्कूल का खेल मैदान, झरीवा नदी के तट खेल मैदान, लंगातू, चेपा खुर्द शीबाडीह, हरली हाई स्कूल मैदान, बादम का बी एम सी खेल मैदान, जमानिडीह का खेल मैदान, पंडरिया का खेल मैदान, बड़कागांव के मझिला बाला का खेल मैदान, चंदोल का खेल मैदान, महुगाई का खेल मैदान, गोंदलपूरा खेल मैदान, तलसवार का खेल मैदान अन्य खेल मैदान बदहाल हैं.

केस स्टडी – एक

21 जनवरी 2025 को बड़कागांव प्लस टू हाईस्कूल खेल मैदान में कराटे टीम के खिलाड़ी संतोष कुमार, संजय कुमार दौड़ने के क्रम में गिरकर घायल हो गये थे. उक्त मैदान में छोटी-छोटी पत्थर की गिट्टी व कंकड़ फैला हुआ है.

केस स्टडी – दो

क्रिकेट खिलाड़ियों के अनुसार पिछले वर्ष अगस्त महीने में चेपाखुर्द खेल मैदान में बिजली पोल रहने के कारण क्रिकेट बॉल पकड़ने के दौरान राहुल कुमार ओझा बिजली पोल से टकरा गया था. इस कारण बुरी तरह घायल हो गया था.

केस स्टडी – तीन

22 जून 2024 को बड़कागांव उच्च विद्यालय में पहले सुबह संजय कुमार, रंजीत कुमार व मुकेश कुमार दौड़ रहे थे. इस दौरान मैदान में हल्के जमे पानी के कारण गीली मिट्टी में फिसल कर संजय कुमार और सुकेश कुमार गिर पड़े. जिससे उन्हें हल्की चोट आयी.

क्या कहना है खिलाड़ियों का

कराटे शिक्षक सुरेंद्र तुरी का कहना है कि बड़कागांव हाई स्कूल का खेल मैदान में बरसात के दिनों में कीचड़ हो जाता है. इस कारण खेल नहीं हो पाता है. पिंटू कुशवाहा ने कहा कि प्रखंड के सभी खेल मैदान जर्जर हैं. इस कारण के दौरान हम सब गिर जाते हैं. अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी झालो कुमारी ने कहा कि खेल मैदानों में समतलीकरण नहीं है. लाइट और शौचालय की भी व्यवस्था नहीं है. खिलाड़ियों और दर्शकों को बैठने के लिए जगह नहीं बनायी गयी है.

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Published by: Praveen

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