हजारीबाग. आइसेक्ट विश्वविद्यालय में फार्मेसी विभाग व आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के सहयोग से शनिवार को राष्ट्रीय स्तर के एक दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का विषय राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 आधारित बीफार्म पाठ्यक्रम-2026 के प्रति अभिमुखीकरण एवं संवेदनशीलता था.
कार्यक्रम का उद्घाटन शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ सुनील कुमार वर्मा, डॉ श्रीकांत विजय राव जोशी, डॉ केतन रंच, डॉ बी महादेव रेड्डी, कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद व डॉ एसआर रथ ने किया. फार्मेसी विभाग के प्राचार्य सच्चिदानंद बेहरा ने अतिथियों का स्वागत किया. डॉ सुनील कुमार वर्मा ने कहा कि फार्मेसी शिक्षा का सीधा संबंध समाज के स्वास्थ्य और सुरक्षित औषधि व्यवस्था से है.
विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ कौशल, व्यावहारिक समझ व समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना जरूरी है. तकनीकी सत्र में डॉ श्रीकांत विजय राव जोशी ने बीफार्म पाठ्यक्रम-2026, डॉ केतन रंच ने फार्मेसी में एआइ के उपयोग और डॉ बी महादेव रेड्डी ने परिणाम आधारित शिक्षा पर जानकारी दी. कुलपति डॉ गौरव शुक्ला ने कहा कि शिक्षकों को बदलते पाठ्यक्रम के अनुरूप लगातार प्रशिक्षित होना चाहिए. प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र दिया गया.
