Hazaribagh News: अबुआ आवास में खुला गैराज, डाड़ी प्रखंड में चल रहा गजब का खेल

Hazaribagh News: डाड़ी प्रखंड की बलसगरा पंचायत में अबुआ आवास का उपयोग गैराज के रूप में किया जा रहा है. मामला सामने आने के बाद डीडीसी ने जांच कराने की बात कही है. पूरी खबर नीचे पढ़ें…

Hazaribagh News (गिद्दी): गरीब और बेघर परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी अबुआ आवास योजना डाड़ी प्रखंड में सवालों के घेरे में है. प्रखंड की बलसगरा पंचायत में योजना के तहत स्वीकृत एक आवास का उपयोग दुकान और गैराज के रूप में किए जाने का मामला सामने आया है. मामले के प्रकाश में आने के बाद योजना के क्रियान्वयन और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं. वहीं, जिला प्रशासन ने शिकायत की जांच कराने की बात कही है.

अबुआ आवास में चल रहा बाइक गैराज

जानकारी के अनुसार, बलसगरा पंचायत निवासी नूनी देवी, पति मोतीलाल महतो को वित्तीय वर्ष 2023-24 में अबुआ आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत हुआ था. आवास का वर्क कोड 7080903656214 है. लाभुक को अब तक तीन किस्तों में 1.80 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जबकि अंतिम 20 हजार रुपये की किस्त अभी जारी नहीं हुई है. बताया जाता है कि आवास के आगे शटर लगाकर उसे दुकान का स्वरूप दे दिया गया है, जहां बाइक मरम्मत और धुलाई का कार्य किया जा रहा है. गैराज का संचालन लाभुक का बेटा अंशु पटेल करता है. इसके लिए दो कर्मचारियों को भी रखा गया है. स्थानीय लोगों के अनुसार, गैराज का उद्घाटन 27 जून को किया गया था.

निर्माण मानकों पर भी उठ रहे सवाल

अबुआ आवास योजना के तहत बनने वाले मकान में तीन कमरे, एक रसोईघर तथा करीब 31 वर्गमीटर का फ्लोर एरिया निर्धारित है, लेकिन संबंधित आवास में दो कमरे बनाए गए हैं और आगे के हिस्से में शटर लगाकर व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि डाड़ी प्रखंड में यह अकेला मामला नहीं है. कई पूर्ण हो चुके आवास निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं बने हैं. कहीं रसोईघर का निर्माण नहीं किया गया है, तो कहीं पुराने मकानों की दीवारों का उपयोग कर नया आवास तैयार कर दिया गया है. ग्रामीणों ने ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.

498 आवास स्वीकृत, 318 का निर्माण पूरा

प्रखंड के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, डाड़ी प्रखंड में अबुआ आवास योजना के तहत 498 लाभुकों को आवास स्वीकृत हुआ है. इनमें 318 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि शेष निर्माणाधीन हैं. योजना की निगरानी प्रखंड स्तर पर बीडीओ और प्रखंड समन्वयक करते हैं, जबकि पंचायत स्तर पर इसकी जिम्मेदारी पंचायत सचिव की होती है. ऐसे में यदि कहीं निर्माण में अनियमितता या योजना का दुरुपयोग हुआ है तो इसकी जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.

डीडीसी बोले- शिकायत सही मिली तो होगी कार्रवाई

हजारीबाग के उप विकास आयुक्त (डीडीसी) ने कहा कि यदि अबुआ आवास के दुरुपयोग या निर्माण कार्य में अनियमितता की शिकायत मिली है तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी. जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

लाभुक के पति ने बताई मजबूरी

लाभुक के पति मोतीलाल महतो ने कहा कि वह शारीरिक रूप से दिव्यांग और काम करने में असमर्थ हैं. परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा था. इसी मजबूरी में बेटे ने आवास के सामने गैराज खोलकर रोजगार शुरू किया है. उनका कहना है कि परिवार की आजीविका चलाने के लिए उनके पास कोई दूसरा साधन नहीं था.

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By Amleshnandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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